अगर आप हिंदी माध्यम से सिविल सेवा में जाना चाहते हैं और सोच रहे हैं कि upsc ki taiyari kaise kare, तो सबसे पहले एक तारीख़ लिख लीजिए: 23 मई 2027 (रविवार)। UPSC के कैलेंडर 2027 के अनुसार अगली प्रारंभिक परीक्षा इसी दिन है, और आज (सितंबर 2026 के अंत) से यह लगभग 8 महीने दूर है। यह लेख उसी तारीख़ को केंद्र में रखकर बना है।
इस लेख में आपको मिलेगा: पात्रता और परीक्षा का संक्षिप्त ढाँचा, अक्टूबर 2026 से अगस्त 2027 तक महीने-दर-महीने योजना, सिलेबस और PYQ से "क्या पढ़ें" तय करने का तरीका, हिंदी में करेंट अफेयर्स के सरकारी स्रोत, नोट्स और हिंदी उत्तर लेखन की विधि, दो दैनिक टाइमटेबल, एक चेकलिस्ट, और हिंदी माध्यम की खास समस्याओं के व्यावहारिक समाधान। सभी तारीख़ें और नियम सितंबर 2026 तक आधिकारिक स्रोतों से मिलाए गए हैं।
ias ki taiyari kaise kare: IAS, सिविल सेवा और UPSC CSE एक ही परीक्षा
बहुत से लोग "IAS की तैयारी", "सिविल सेवा की तैयारी" और "UPSC की तैयारी" को अलग-अलग चीज़ें समझते हैं। असल में ये एक ही परीक्षा है: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Examination, CSE)। IAS, IPS, IFS, IRS जैसी सेवाएँ इसी एक परीक्षा की अंतिम मेरिट और आपकी सेवा-वरीयता से मिलती हैं।
इसलिए "ias ki taiyari kaise kare" का जवाब वही है जो UPSC CSE का है। अलग से "IAS की परीक्षा" नहीं होती। इस लेख में जहाँ भी UPSC, IAS या सिविल सेवा लिखा है, उसका मतलब यही परीक्षा है।
पात्रता: एक नज़र में (CSE 2026 नोटिफिकेशन के आधार पर)
CSE 2027 का नोटिफिकेशन 13 जनवरी 2027 को आना प्रस्तावित है। तब तक CSE 2026 के नियम ही सबसे भरोसेमंद आधार हैं। नोटिफिकेशन आने पर एक बार ज़रूर मिलान करें।
| शर्त | नियम (CSE 2026) |
|---|---|
| शैक्षिक योग्यता | किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री। अंतिम वर्ष के छात्र प्रारंभिक परीक्षा दे सकते हैं, पर मुख्य परीक्षा के आवेदन (DAF) के समय डिग्री का प्रमाण देना होगा |
| आयु (सामान्य/EWS) | 1 अगस्त को 21 वर्ष पूरे, 32 वर्ष पूरे नहीं। 2027 के लिए इसका अर्थ: जन्म 2 अगस्त 1995 से 1 अगस्त 2006 के बीच (2026 के नियम मानकर) |
| आयु में छूट | OBC +3 वर्ष, SC/ST +5 वर्ष, PwBD +10 वर्ष |
| प्रयासों की संख्या | सामान्य/EWS: 6, OBC: 9, SC/ST: आयु सीमा तक असीमित |
| प्रयास कब गिना जाता है | प्रारंभिक परीक्षा के किसी भी एक पेपर में बैठते ही एक प्रयास गिना जाता है; केवल आवेदन करने से नहीं |
| शुल्क | ₹100; महिलाएँ, SC/ST और PwBD उम्मीदवार शुल्क से मुक्त |
| 2026 का नया नियम | सेवारत IAS/IFS अधिकारी आवेदन नहीं कर सकते; IPS अधिकारी दोबारा IPS नहीं चुन सकते |
आयु और प्रयासों का पूरा हिसाब (कॉलेज में, ग्रेजुएशन के बाद या नौकरी के साथ कब शुरू करें) हमने upsc ki taiyari kab se kare में अलग से समझाया है।
परीक्षा के तीन चरण: संक्षिप्त ढाँचा
सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में होती है। हर चरण का विस्तृत विवरण, पेपरों का क्रम और अंक-गणना upsc ki pariksha kaise hoti hai में है। तैयारी की योजना बनाने के लिए इतना जानना काफ़ी है:
| चरण | पेपर | अंक | तैयारी के लिए क्या मायने रखता है |
|---|---|---|---|
| प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ) | सामान्य अध्ययन पेपर-I | 200 | केवल इसी के अंकों से कट-ऑफ़ तय होता है |
| सामान्य अध्ययन पेपर-II (CSAT) | 200 | केवल क्वालिफ़ाइंग, न्यूनतम 33% ज़रूरी | |
| मुख्य परीक्षा (वर्णनात्मक) | पेपर-A (भारतीय भाषा) और पेपर-B (अंग्रेज़ी) | 300 + 300 | क्वालिफ़ाइंग, हर एक में न्यूनतम 25%; मेरिट में नहीं जुड़ते |
| निबंध + GS-I, II, III, IV | 250 × 5 | मेरिट का बड़ा हिस्सा | |
| वैकल्पिक विषय पेपर-1 और 2 | 250 × 2 | मेरिट का 500 अंक वाला हिस्सा | |
| व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) | — | 275 | अंतिम मेरिट = मुख्य परीक्षा 1750 + साक्षात्कार 275 = 2025 |
प्रारंभिक परीक्षा में हर पेपर 2 घंटे का होता है और गलत उत्तर पर उस प्रश्न के अंकों का एक-तिहाई (0.33) कटता है। पिछले वर्षों के पैटर्न में GS पेपर-I में 100 और CSAT में 80 प्रश्न आते रहे हैं। मुख्य परीक्षा के GS पेपरों में 3 घंटे में 20 प्रश्न आते हैं: 10 अंक वाले प्रश्नों की शब्द-सीमा 150 और 15 अंक वाले प्रश्नों की 250 शब्द होती है।
हिंदी माध्यम के लिए सबसे ज़रूरी नियम: प्रारंभिक परीक्षा का प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में होता है, और मुख्य परीक्षा के सभी पेपर (पेपर-A और B को छोड़कर) आप हिंदी में लिख सकते हैं।
2026 की समय-रेखा से 2027 का अनुमान
| घटना | CSE 2026 (जो हुआ) | CSE 2027 (UPSC कैलेंडर) |
|---|---|---|
| नोटिफिकेशन | 4 फ़रवरी 2026 | 13 जनवरी 2027 |
| आवेदन की अंतिम तिथि | 27 फ़रवरी 2026 | 2 फ़रवरी 2027 |
| प्रारंभिक परीक्षा | 24 मई 2026 | 23 मई 2027 |
| अस्थायी उत्तर कुंजी | 27 मई 2026 (आपत्ति 31 मई तक) | — |
| प्रारंभिक परिणाम | 15 जून 2026 (13,343 सफल) | लगभग जून 2027 (अनुमान) |
| मुख्य परीक्षा | 21 अगस्त 2026 से, 5 दिन | 20 अगस्त 2027 से, 5 दिन |
ध्यान दें: प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के बीच 2027 में केवल लगभग 89 दिन हैं। इसलिए मुख्य परीक्षा की तैयारी प्रारंभिक के बाद "शुरू" नहीं की जा सकती; उसे पहले से साथ चलाना पड़ता है।
upsc ki taiyari kaise kare: शून्य से प्रारंभिक परीक्षा 2027 तक चरणवार योजना
एक ईमानदार बात पहले: अगर आप अक्टूबर 2026 में बिल्कुल शून्य से शुरू कर रहे हैं, तो 23 मई 2027 तक के लगभग 33 सप्ताह तंग समय है। नीचे की योजना इस समय में पूरी हो सकती है, बशर्ते आप पूर्णकालिक हों और रोज़ 8–9 घंटे दे सकें। नौकरीपेशा हैं या पढ़ाई साथ चल रही है, तो यही पाँच चरण रखें पर हर चरण की अवधि लगभग दोगुनी मानें और लक्ष्य 2028 रखें।
चरण 1 (अक्टूबर–नवंबर 2026, 8 सप्ताह): NCERT से नींव
- क्या पढ़ें: इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थशास्त्र और विज्ञान की NCERT किताबें हिंदी में। ये ncert.nic.in और ePathshala पर मुफ़्त उपलब्ध हैं। कक्षा 6 से 9 तक की किताबें NCF-2023 के तहत बदल चुकी हैं, इसलिए कौन-सी कक्षा का कौन-सा अध्याय पढ़ना है, इसकी सूची ncert books for upsc in hindi में देखें।
- गति: रोज़ 60–80 पेज। पहली बार पढ़ते समय रंगीन हाइलाइटिंग और नोट्स कम रखें; पहले पूरी तस्वीर बनाएँ।
- साथ में: पहले दिन से रोज़ एक हिंदी अख़बार का संपादकीय पेज, और सिलेबस का प्रिंटआउट अपनी मेज़ पर।
- हफ़्ते के अंत में: उस सप्ताह के विषय के 20–30 पिछले वर्षों के प्रारंभिक प्रश्न (PYQ) हल करें, सिर्फ़ यह देखने के लिए कि UPSC उस विषय से क्या पूछता है।
- लक्ष्य: 30 नवंबर 2026 तक NCERT का पहला पूरा चक्र।
चरण 2 (दिसंबर 2026–जनवरी 2027): मानक किताबें और उत्तर लेखन की शुरुआत
- क्या पढ़ें: हर विषय की एक मानक किताब। उदाहरण: राजव्यवस्था के लिए एम. लक्ष्मीकांत की "भारत की राजव्यवस्था" (McGraw Hill, हिंदी 8वाँ संस्करण), आधुनिक भारत के लिए स्पेक्ट्रम की "आधुनिक भारत का इतिहास" (राजीव अहीर, नवीनतम हिंदी संस्करण), और अर्थव्यवस्था व भूगोल की एक-एक मानक किताब। पूरी विषयवार सूची upsc books in hindi में है।
- नियम: एक विषय, एक किताब। दूसरी किताब तभी, जब PYQ में कोई हिस्सा बार-बार आता हो और आपकी किताब में न हो।
- उत्तर लेखन (तीसरे महीने से): रोज़ 2 उत्तर, उसी विषय के जो आप पढ़ रहे हैं। पहले 2 सप्ताह समय की पाबंदी नहीं; फिर 150 शब्द के उत्तर के लिए 7–8 मिनट।
- फ़ॉर्म: 13 जनवरी 2027 को नोटिफिकेशन आते ही आवेदन भरें; अंतिम तिथि 2 फ़रवरी 2027 है। आख़िरी दिनों में वेबसाइट धीमी हो सकती है।
चरण 3 (फ़रवरी–मार्च 2027): एकीकृत प्रारंभिक + मुख्य तैयारी
- बाकी विषय: पर्यावरण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, कला-संस्कृति, अंतरराष्ट्रीय संबंध, आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन।
- हर टॉपिक दो नज़र से: पहले वह तथ्य जो प्रारंभिक में पूछा जा सकता है (कौन-सी संस्था, कौन-सा अनुच्छेद, कौन-सा देश), फिर वही टॉपिक मुख्य परीक्षा के प्रश्न की तरह (कारण, प्रभाव, चुनौतियाँ, आगे की राह)।
- वैकल्पिक विषय: इसी चरण में चुनकर रोज़ 1.5–2 घंटे देना शुरू करें। प्रारंभिक के बाद के 89 दिनों में वैकल्पिक का पहली बार पढ़ना लगभग असंभव है।
- CSAT: हफ़्ते में 3 दिन, 1 घंटा: गद्यांश (comprehension), तर्कशक्ति, बुनियादी गणित। CSAT को हल्के में लेना बहुत से उम्मीदवारों को भारी पड़ता है, क्योंकि 33% से कम आने पर GS के अंक देखे ही नहीं जाते।
- टेस्ट: हर रविवार एक सेक्शनल टेस्ट (50 प्रश्न)।
चरण 4 (अप्रैल–23 मई 2027, लगभग 7 सप्ताह): केवल प्रारंभिक परीक्षा
- नया विषय शुरू न करें। उत्तर लेखन और वैकल्पिक विषय अस्थायी रूप से रोकें।
- मॉक टेस्ट: पहले 3 सप्ताह हफ़्ते में 2 पूरे GS मॉक, अंतिम 4 सप्ताह हफ़्ते में 3। कम से कम 4 CSAT मॉक भी।
- करेंट अफेयर्स: पिछले 12–15 महीनों (लगभग मार्च 2026 से) का संकलन दो बार दोहराएँ।
- अंतिम 10 दिन: केवल अपने नोट्स, गलतियों की डायरी और स्टैटिक विषयों के तथ्यात्मक हिस्से।
चरण 5 (24 मई–20 अगस्त 2027, लगभग 89 दिन): मुख्य परीक्षा
- परीक्षा के अगले दिन से मुख्य परीक्षा की तैयारी शुरू करें; परिणाम का इंतज़ार न करें। 2026 में परिणाम 22 दिन बाद आया था।
- पहले 30 दिन: वैकल्पिक विषय का पूरा रिवीजन + GS-IV (नीतिशास्त्र) की तैयारी।
- अगले 45 दिन: रोज़ 1 पूरा GS पेपर या उसका आधा हिस्सा समय-सीमा में; हर सप्ताह 1 निबंध।
- अंतिम 14 दिन: केवल रिवीजन और पेपर-A (हिंदी) व पेपर-B (अंग्रेज़ी) के 1–1 पुराने पेपर, ताकि क्वालिफ़ाइंग पेपर में चूक न हो।
- परिणाम आने पर DAF-I समय पर भरें (2026 में इसकी अवधि 19–28 जून थी)।
upsc ki taiyari ke liye kya padhe: सिलेबस और PYQ से तय करें
UPSC की तैयारी में सबसे ज़्यादा समय "क्या पढ़ें, क्या छोड़ें" में बर्बाद होता है। इसका जवाब दो दस्तावेज़ों में है: आधिकारिक सिलेबस (नोटिफिकेशन के परिशिष्ट में) और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र, जो upsc.gov.in पर हिंदी सहित मुफ़्त मिलते हैं।
सिलेबस को कैसे इस्तेमाल करें
- मुख्य परीक्षा के GS-I से GS-IV के सिलेबस को एक-एक लाइन में तोड़कर एक रजिस्टर में लिखें। हर लाइन एक "टॉपिक" है।
- हर टॉपिक के सामने तीन खाने बनाएँ: स्रोत (कौन-सी किताब/अध्याय), पहला पठन पूरा, रिवीजन की तारीख़।
- प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस बहुत संक्षिप्त है; उसके लिए मुख्य परीक्षा के GS सिलेबस को ही आधार मानें और ऊपर से पर्यावरण व विज्ञान के तथ्यात्मक हिस्से जोड़ें।
PYQ से प्राथमिकता कैसे तय करें
- प्रारंभिक: पिछले 10–12 वर्षों (लगभग 2014 से) के GS पेपर-I के प्रश्नों को विषयवार छाँटें। जिस विषय से हर साल 12–20 प्रश्न आते हैं, वहाँ गहराई चाहिए; जहाँ 2–3 आते हैं, वहाँ केवल मूल बातें।
- प्रश्न का "स्तर" पहचानें: देखें कि प्रश्न NCERT के स्तर का है, मानक किताब के स्तर का, या करेंट अफेयर्स से जुड़ा। इससे पता चलता है कि आपको किताब कितनी गहराई से पढ़नी है।
- मुख्य: पिछले 10 वर्षों के GS प्रश्नों को सिलेबस की लाइन के सामने लिखें। जिन लाइनों पर बार-बार प्रश्न आए हैं, उनके नोट्स सबसे पहले बनाएँ।
- उत्तर-विकल्पों से पढ़ें: प्रारंभिक PYQ में केवल सही उत्तर नहीं, चारों विकल्पों को समझें। अक्सर गलत विकल्प भी अगले वर्षों में प्रश्न बनकर आते हैं।
प्रारंभिक PYQ को हिंदी में विकल्प-दर-विकल्प व्याख्या के साथ पढ़ने के लिए आप UPSC Answer Check का मुफ़्त Prelims PYQ सेक्शन इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें 2014–2026 के GS और CSAT प्रश्न हैं और ज़्यादातर प्रश्नों की व्याख्या हिंदी में उपलब्ध है।
हिंदी माध्यम के लिए करेंट अफेयर्स की व्यवस्था
करेंट अफेयर्स के लिए अंग्रेज़ी स्रोतों पर निर्भर रहना ज़रूरी नहीं है। नीचे के सभी स्रोत सरकारी या स्थापित प्रकाशन हैं और हिंदी में उपलब्ध हैं (सितंबर 2026 तक जाँचा गया):
| स्रोत | हिंदी में कहाँ मिलेगा | कितना समय | किस काम का |
|---|---|---|---|
| हिंदी अख़बार का संपादकीय पेज (जैसे जनसत्ता, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर) | दुकान पर या उनका ई-पेपर | रोज़ 45–60 मिनट | मुद्दों की समझ, मुख्य परीक्षा के तर्क |
| PIB (पत्र सूचना कार्यालय) | pib.gov.in पर ऊपर "हिन्दी" चुनें | रोज़ 15 मिनट | योजनाओं, रिपोर्टों और नीतियों के सरकारी तथ्य |
| योजना (हिंदी) और कुरुक्षेत्र (हिंदी) | प्रकाशन विभाग, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (publicationsdivision.nic.in); प्रिंट सब्सक्रिप्शन और पोर्टल पर अंकों का आर्काइव | महीने में 4–5 घंटे | एक विषय पर गहराई, मुख्य परीक्षा के लिए उदाहरण और आँकड़े |
| आकाशवाणी: "चर्चा का विषय है" | newsonair.gov.in पर साप्ताहिक हिंदी चर्चा, ऑडियो उपलब्ध | हफ़्ते में 30 मिनट | सफ़र में सुनने लायक नीतिगत चर्चा |
| संसद टीवी | sansadtv.nic.in और YouTube; हिंदी कार्यक्रम जैसे "आपका कानून" और "देश देशांतर" | हफ़्ते में 1–2 घंटे | कानून, संसद, अर्थव्यवस्था पर विशेषज्ञ चर्चा |
| डाउन टू अर्थ (हिंदी) | hindi.downtoearth.org.in | हफ़्ते में 1 घंटा | पर्यावरण, कृषि, जलवायु |
| आर्थिक समीक्षा और बजट | indiabudget.gov.in पर हिंदी सामग्री | साल में एक बार, 2–3 दिन | अर्थव्यवस्था के आँकड़े |
| "भारत 2026" (India Year Book का हिंदी संस्करण) | प्रकाशन विभाग | चुने हुए अध्याय | योजनाओं और मंत्रालयों की आधिकारिक जानकारी |
रोज़ का करेंट अफेयर्स चक्र
- सुबह (45–60 मिनट): संपादकीय पेज के 2–3 लेख पढ़ें। हर लेख को सिलेबस के एक टॉपिक से जोड़ें, जैसे "GS-II: संघवाद"।
- दोपहर (15 मिनट): उसी दिन की PIB की हिंदी विज्ञप्तियों में से केवल वे जो किसी योजना, रिपोर्ट, सूचकांक या अंतरराष्ट्रीय समझौते से जुड़ी हों।
- शाम (20 मिनट): दिन की 3–5 बातें अपने डिजिटल या कागज़ी नोट्स में सही टॉपिक के नीचे जोड़ें। अलग "करेंट अफेयर्स रजिस्टर" न बनाएँ; उसे स्टैटिक टॉपिक के नोट्स में ही मिलाएँ।
- रविवार (1 घंटा): सप्ताह भर के नोट्स का रिवीजन और 20–25 MCQ।
अंग्रेज़ी के तकनीकी शब्दों (जैसे repo rate, carbon border tax) के लिए नोट्स में दोनों रूप लिखें: हिंदी शब्द और कोष्ठक में अंग्रेज़ी। UPSC का नोटिफिकेशन भी मुख्य परीक्षा में तकनीकी शब्दों का अंग्रेज़ी रूप कोष्ठक में देने की अनुमति देता है।
नोट्स कैसे बनाएँ
नोट्स का मक़सद है कि परीक्षा से पहले के अंतिम 30 दिनों में पूरा सिलेबस 3–4 बार दोहराया जा सके। इसलिए:
- पहले पठन में नोट्स न बनाएँ। पहली बार पढ़ते समय किताब में ही हाशिये पर लिखें। नोट्स दूसरे पठन में बनाएँ, जब आपको पता हो कि क्या ज़रूरी है।
- एक टॉपिक, एक पन्ना। सिलेबस की हर लाइन के लिए अधिकतम 1–2 पन्ने। उसमें: परिभाषा, 4–6 मुख्य बिंदु, 2 आँकड़े, 1 उदाहरण/केस, संबंधित संवैधानिक अनुच्छेद या समिति, और आगे की राह।
- तीन रंग का नियम: काला (स्टैटिक तथ्य), नीला (करेंट अफेयर्स में जोड़ा गया), लाल (वे बातें जिनमें बार-बार गलती होती है)।
- डिजिटल या कागज़: कोई भी चलेगा, पर मिलाएँ नहीं। करेंट अफेयर्स रोज़ जुड़ते हैं, इसलिए उनके लिए डिजिटल (जैसे टॉपिक-वार फ़ोल्डर) ज़्यादा सुविधाजनक रहता है।
- गलतियों की डायरी: हर मॉक टेस्ट के बाद गलत हुए प्रश्नों का सही तथ्य एक अलग कॉपी में। प्रारंभिक से पहले के अंतिम 10 दिनों में यही सबसे कीमती दस्तावेज़ होगा।
हिंदी में उत्तर लेखन: तीसरे महीने से
मुख्य परीक्षा का पूरा खेल लिखने पर है, और हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों की सबसे आम कमी यही है कि वे पढ़ते बहुत हैं, लिखते बहुत कम। योजना के अनुसार दिसंबर 2026 (तीसरे महीने) से लिखना शुरू करें।
शब्द-सीमा और समय का गणित
| प्रश्न | शब्द-सीमा | लक्ष्य समय | उत्तर पुस्तिका में लगभग |
|---|---|---|---|
| 10 अंक | 150 शब्द | 7 मिनट | 1 से 1.5 पेज |
| 15 अंक | 250 शब्द | 11 मिनट | 2 से 2.5 पेज |
| निबंध | लगभग 1000–1200 शब्द (प्रति निबंध) | 1.5 घंटे | दो निबंध, हर एक 125 अंक |
एक GS पेपर में 10 × 150 + 10 × 250 = अधिकतम 4,000 शब्द लिखने होते हैं, 180 मिनट में। यानी लगभग 22 शब्द प्रति मिनट, बिना रुके, सोचने के समय सहित। देवनागरी में मात्राएँ, शिरोरेखा और संयुक्ताक्षर लिखने में रोमन लिपि से ज़्यादा समय लगता है, इसलिए यह गति अभ्यास से ही बनती है।
देवनागरी में गति बढ़ाने के तरीके
- शिरोरेखा: पूरा शब्द लिखकर एक बार में रेखा खींचें, हर अक्षर पर अलग नहीं।
- मानक शब्दों को तैयार रखें: "संघवाद", "विकेंद्रीकरण", "सतत विकास", "आपदा प्रबंधन" जैसे बार-बार आने वाले शब्द इतने लिखें कि हाथ अपने आप चले।
- हफ़्ते में एक बार घड़ी लगाकर 20 प्रश्न लिखें और गिनें कि 3 घंटे में कितने पूरे हुए। पहला लक्ष्य 14–15 प्रश्न, फिर 18, फिर 20।
- सरल वाक्य: "यद्यपि... तथापि..." वाले लंबे वाक्यों से बचें। छोटे वाक्य जल्दी लिखे जाते हैं और परीक्षक के लिए पढ़ने में आसान होते हैं।
उत्तर का ढाँचा
- भूमिका (2–3 पंक्तियाँ): परिभाषा, कोई आँकड़ा, संवैधानिक प्रावधान या हालिया घटना।
- मुख्य भाग: प्रश्न के निर्देशक शब्द के अनुसार। "विवेचना कीजिए" में पक्ष-विपक्ष दोनों, "परीक्षण कीजिए" में कारणों की जाँच, "समालोचनात्मक" में उपलब्धियाँ और कमियाँ दोनों, फिर संतुलित निर्णय। 4–6 बिंदु, उप-शीर्षकों के साथ।
- मूल्य-वर्धन: एक आँकड़ा, एक समिति/रिपोर्ट, एक उदाहरण, और जहाँ संभव हो एक छोटा फ़्लोचार्ट या मानचित्र।
- निष्कर्ष (2 पंक्तियाँ): आगे की राह, समाधान-केंद्रित, किसी सरकारी लक्ष्य या संवैधानिक मूल्य से जोड़कर।
जाँच के बिना लिखना अधूरा है
लिखे हुए उत्तर की जाँच न हो तो वही गलतियाँ दोहराई जाती रहती हैं। किसी सीनियर, शिक्षक या टेस्ट सीरीज़ से मूल्यांकन कराएँ। अगर कोई उपलब्ध न हो, तो UPSC Answer Check पर हिंदी में लिखा उत्तर (टाइप करके या हाथ से लिखे पेज की फ़ोटो) जमा करके AI से अंक, छूटे हुए कीवर्ड और मॉडल उत्तर देख सकते हैं; हर महीने 5 मूल्यांकन मुफ़्त हैं। इसे अभ्यास का साधन मानें, मानव मूल्यांकन का पूरा विकल्प नहीं।
वैकल्पिक विषय का चुनाव
मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के दो पेपर 500 अंकों के होते हैं, यानी लिखित मेरिट (1750) का लगभग 29%। CSE 2026 नोटिफिकेशन की सूची में 25 विषय और 23 भाषाओं का साहित्य (अंग्रेज़ी सहित) है।
चुनाव के चार सवाल:
- रुचि: क्या आप इस विषय को 300–400 घंटे पढ़ सकते हैं, बिना ऊबे?
- पृष्ठभूमि: क्या आपने स्नातक में यह विषय पढ़ा है?
- हिंदी में सामग्री: क्या इस विषय की मानक किताबें, पिछले प्रश्नों के हल और टेस्ट हिंदी में उपलब्ध हैं? यही हिंदी माध्यम के लिए निर्णायक सवाल है।
- GS से ओवरलैप: इतिहास, भूगोल, लोक प्रशासन, राजनीति विज्ञान जैसे विषय GS के हिस्सों से मेल खाते हैं, जिससे समय बचता है।
अंतिम निर्णय से पहले अपने विकल्प के पिछले 5 वर्षों के दोनों पेपर पढ़ें और देखें कि क्या आप उनमें से आधे प्रश्नों को समझ भी पाते हैं। हिंदी साहित्य और हिंदी माध्यम में अन्य विकल्पों पर विस्तृत चर्चा upsc hindi medium में है। वैकल्पिक विषय अपने गाइड या दोस्तों की सलाह पर नहीं, अपने चार सवालों के जवाब पर चुनें।
रिवीजन चक्र और मॉक टेस्ट
UPSC में जो याद नहीं रहता, वह पढ़ा हुआ भी नहीं माना जाता। इसलिए रिवीजन को योजना में पहले से लिखें:
| रिवीजन | कब | कितना समय |
|---|---|---|
| R1 | पढ़ने के 24 घंटे के अंदर | 15–20 मिनट (उसी दिन के नोट्स) |
| R2 | 7 दिन बाद | रविवार के 2 घंटे |
| R3 | 30 दिन बाद | हर महीने का अंतिम शनिवार-रविवार |
| R4 | प्रारंभिक से पहले | अप्रैल–मई 2027 में पूरा सिलेबस 2–3 बार |
मॉक टेस्ट का सही इस्तेमाल
- संख्या: प्रारंभिक से पहले कम से कम 20–25 पूर्ण GS मॉक और 4–6 CSAT मॉक।
- समय: असली परीक्षा की तरह, सुबह 9:30 से 11:30 (GS) और दोपहर 2:30 से 4:30 (CSAT) के आसपास, ताकि शरीर उसी समय पर सतर्क रहने का आदी हो।
- विश्लेषण: हर टेस्ट के बाद कम से कम उतना ही समय विश्लेषण को दें जितना टेस्ट को। गलतियों को तीन हिस्सों में बाँटें: पता नहीं था, पता था पर गलत पढ़ा, और अंदाज़े से गलत।
- अंदाज़े की नीति: 0.33 की नकारात्मक अंकन व्यवस्था में दो विकल्प पक्के तौर पर हट जाएँ तो प्रयास करना गणितीय रूप से फ़ायदे का है; केवल एक हटे तो सावधानी रखें। अपनी नीति मॉक टेस्ट में परखें, असली परीक्षा में नहीं।
हिंदी में टेस्ट सीरीज़ चुनने, अनुवाद की गुणवत्ता जाँचने और विश्लेषण का तरीका upsc mock test in hindi में विस्तार से है।
upsc ki padhai kaise kare: दो दैनिक टाइमटेबल
पूर्णकालिक उम्मीदवार (लगभग 9 घंटे पढ़ाई)
| समय | काम |
|---|---|
| 6:00–6:30 | उठना, हल्का व्यायाम |
| 6:30–7:30 | अख़बार का संपादकीय पेज + PIB (हिंदी) |
| 7:30–8:00 | नाश्ता |
| 8:00–11:00 | मुख्य विषय (उस चरण की किताब), 50 मिनट पढ़ाई + 10 मिनट विराम |
| 11:00–11:45 | उत्तर लेखन: 2 प्रश्न (चरण 2 से) |
| 11:45–1:00 | दूसरा विषय / वैकल्पिक विषय (चरण 3 से) |
| 1:00–2:00 | भोजन और आराम |
| 2:00–3:00 | CSAT या PYQ अभ्यास |
| 3:00–5:00 | मुख्य विषय जारी / वैकल्पिक विषय |
| 5:00–6:00 | टहलना, खेल, कोई शौक |
| 6:00–7:00 | करेंट अफेयर्स नोट्स + दिन भर का R1 रिवीजन |
| 7:00–8:00 | MCQ अभ्यास (30–40 प्रश्न) |
| 8:00–9:00 | भोजन, परिवार |
| 9:00–10:00 | अगले दिन की योजना, हल्का पठन |
| 10:30 | सोना (7–7.5 घंटे की नींद) |
नौकरीपेशा उम्मीदवार (सोमवार–शुक्रवार लगभग 4 घंटे, शनिवार-रविवार 9–10 घंटे)
| समय | कार्यदिवस | सप्ताहांत |
|---|---|---|
| 5:30–7:30 | स्टैटिक विषय (सबसे ताज़ा दिमाग़ का समय) | 6:00–9:00 स्टैटिक विषय |
| सफ़र में | आकाशवाणी का ऑडियो, PIB (हिंदी) मोबाइल पर | — |
| लंच ब्रेक (20 मिनट) | 15–20 MCQ | — |
| 8:00–9:00 (रात) | संपादकीय + करेंट अफेयर्स नोट्स | 10:00–1:00 वैकल्पिक विषय |
| 9:00–9:45 | एक उत्तर लेखन या PYQ | 2:30–4:30 मॉक टेस्ट / 3 घंटे का लिखित अभ्यास |
| 9:45–10:00 | दिन का R1 रिवीजन | 5:00–7:00 सप्ताह का R2 रिवीजन + विश्लेषण |
नौकरी के साथ हर सप्ताह लगभग 38–40 घंटे बनते हैं, जो पूर्णकालिक के लगभग 60% हैं। इसलिए ऐसे उम्मीदवारों के लिए ऊपर के पाँचों चरणों को लंबा करना और पहला गंभीर प्रयास 2028 मानना अधिक यथार्थवादी है। घर पर स्व-अध्ययन में यही दो बातें सबसे ज़्यादा काम आती हैं: हर रविवार अगले सप्ताह का लक्ष्य लिखना, और हर शनिवार उसका हिसाब।
upsc ki taiyari ke liye kya karna padta hai: पूरी चेकलिस्ट
इस सूची को प्रिंट करके हर महीने की पहली तारीख़ को मिलाएँ:
शुरुआत (पहले 2 सप्ताह)
- CSE 2026 नोटिफिकेशन पढ़ा और अपनी आयु/प्रयासों का हिसाब लगाया
- प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा का सिलेबस प्रिंट करके टॉपिक-रजिस्टर बनाया
- पिछले 3 वर्षों के प्रारंभिक और मुख्य पेपर (हिंदी) पढ़कर देखे
- NCERT की सूची तय की और PDF डाउनलोड किए
- एक हिंदी अख़बार शुरू किया
हर दिन
- संपादकीय + PIB (हिंदी)
- कम से कम 5–6 घंटे का केंद्रित स्टैटिक अध्ययन (पूर्णकालिक)
- 2 उत्तर लिखे (तीसरे महीने से)
- उसी दिन का रिवीजन
हर सप्ताह
- 1 सेक्शनल टेस्ट और उसका विश्लेषण
- पूरे सप्ताह का रिवीजन
- 1 आकाशवाणी/संसद टीवी चर्चा
हर महीने
- योजना और कुरुक्षेत्र (हिंदी) के मुख्य लेख
- मासिक रिवीजन और टॉपिक-रजिस्टर का अपडेट
- अपने लिखे उत्तरों का मूल्यांकन और पिछले महीने से तुलना
परीक्षा से जुड़े काम
- 13 जनवरी–2 फ़रवरी 2027 के बीच आवेदन
- ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड करके नाम, केंद्र, फ़ोटो की जाँच
- प्रारंभिक के बाद अस्थायी उत्तर कुंजी पर आपत्ति का विकल्प देखा
- परिणाम के बाद DAF-I समय पर
सबसे आम गलतियाँ
- बहुत सारे स्रोत: एक विषय की तीन किताबें और चार कोचिंग नोट्स। नतीजा: किसी का रिवीजन नहीं होता।
- उत्तर लेखन टालना: "पहले सिलेबस पूरा हो जाए, फिर लिखेंगे।" सिलेबस कभी "पूरा" नहीं होता।
- CSAT की अनदेखी: GS में अच्छे अंक होने पर भी CSAT में 33% से कम आने पर उम्मीदवार बाहर हो जाता है।
- केवल वीडियो देखना: वीडियो से समझ बनती है, पर परीक्षा में याद और लिखने की गति काम आती है। हर 1 घंटे के वीडियो के बाद कम से कम 1 घंटा स्व-अध्ययन।
- करेंट अफेयर्स को अलग विषय मानना: उसे स्टैटिक टॉपिक से न जोड़ें तो न प्रारंभिक में काम आता है, न मुख्य में।
- मॉक टेस्ट के बाद विश्लेषण न करना: केवल अंक देखकर आगे बढ़ जाना। अंक नहीं, गलतियों का प्रकार सुधार तय करता है।
- वैकल्पिक विषय देर से शुरू करना: प्रारंभिक के बाद के 89 दिनों में GS, निबंध, नीतिशास्त्र और वैकल्पिक, सब एक साथ नहीं हो सकते।
- योजना का अंधानुकरण: किसी टॉपर का टाइमटेबल ज्यों का त्यों अपनाना। अपनी नींद, नौकरी और गति के हिसाब से बदलाव ज़रूरी है।
हिंदी माध्यम की खास समस्याएँ और उनके समाधान
आँकड़े बताते हैं कि चुनौती वास्तविक है। UPSC की वार्षिक रिपोर्टों के अनुसार 2021 में मुख्य परीक्षा का निबंध हिंदी में लिखने वाले उम्मीदवार 470 थे, जबकि अंग्रेज़ी में 8,388। राज्यसभा में दिए गए एक उत्तर के अनुसार 2024 में मुख्य परीक्षा हिंदी/मैथिली में लिखकर IAS/IPS में चयनित उम्मीदवार केवल 5 थे। पर इन्हीं आँकड़ों में 2022 में यह संख्या 27 थी, यानी रास्ता बंद नहीं है; सही रणनीति का फ़र्क पड़ता है।
| समस्या | व्यावहारिक समाधान |
|---|---|
| मानक किताबों के हिंदी संस्करण देर से आते हैं या अनुवाद कठिन है | ख़रीदने से पहले संस्करण वर्ष देखें। जहाँ हिंदी अनुवाद अस्पष्ट हो, वहाँ केवल उस अध्याय का अंग्रेज़ी पाठ मिलाएँ; पूरी किताब दोबारा न पढ़ें |
| प्रारंभिक प्रश्नपत्र में हिंदी अनुवाद अस्पष्ट या कठिन लगना | प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में होता है। तैयारी के समय से ही PYQ के दोनों पाठ मिलाकर पढ़ने की आदत डालें, ताकि परीक्षा में संदेह होने पर तुरंत अंग्रेज़ी पाठ देख सकें। उत्तर कुंजी जारी होने पर आपत्ति का रास्ता भी खुला रहता है |
| हिंदी में अच्छे टेस्ट सीरीज़ कम | जो टेस्ट सीरीज़ चुनें, उसके पहले मुफ़्त टेस्ट में अनुवाद की गुणवत्ता जाँचें; साथ ही UPSC के हिंदी PYQ को ही सबसे अच्छा "मॉक" मानें |
| करेंट अफेयर्स में अंग्रेज़ी शब्द | नोट्स में हिंदी शब्द + कोष्ठक में अंग्रेज़ी; PIB की एक ही विज्ञप्ति के हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों रूप कभी-कभी मिलाकर पढ़ें ताकि सरकारी हिंदी शब्दावली पक्की हो |
| देवनागरी में लिखने की गति | तीसरे महीने से रोज़ लिखना, हर सप्ताह घड़ी लगाकर 20 प्रश्न; लक्ष्य लगभग 22 शब्द प्रति मिनट |
| क्वालिफ़ाइंग अंग्रेज़ी पेपर (पेपर-B) का डर | UPSC नोटिफिकेशन के अनुसार यह मैट्रिक (दसवीं) स्तर का क्वालिफ़ाइंग पेपर है, जिसमें 25% अंक चाहिए; पिछले 3–4 पेपर हल कर लें। हिंदी पेपर-A (300 अंक, 25% क्वालिफ़ाइंग) के लिए भी 2–3 पुराने पेपर घड़ी लगाकर हल करें |
| अकेलापन, मार्गदर्शन की कमी | 3–4 गंभीर साथियों का छोटा समूह बनाएँ जो हर सप्ताह एक-दूसरे के उत्तर पढ़ें और जाँचें |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
ias ki taiyari ke liye kya karna padta hai?
स्नातक डिग्री (या अंतिम वर्ष) और आयु-सीमा की शर्त पूरी करनी होती है, फिर UPSC की सिविल सेवा परीक्षा देनी होती है, क्योंकि IAS इसी परीक्षा से मिलता है। तैयारी में सिलेबस और PYQ से शुरुआत, NCERT और मानक किताबें, रोज़ करेंट अफेयर्स, तीसरे महीने से उत्तर लेखन, नियमित रिवीजन और मॉक टेस्ट शामिल हैं। ऊपर दी गई चेकलिस्ट से महीने-दर-महीने प्रगति जाँचें।
ias ki padhai kaise kare, क्या कोचिंग ज़रूरी है?
कोचिंग अनिवार्य नहीं है। NCERT, सरकारी स्रोत (PIB, योजना, संसद टीवी) और UPSC के PYQ मुफ़्त या सस्ते में हिंदी में उपलब्ध हैं। कोचिंग तब मदद करती है जब आपको अनुशासन, उत्तर मूल्यांकन या किसी वैकल्पिक विषय में मार्गदर्शन चाहिए। पहले 2–3 महीने स्व-अध्ययन करके देखें कि आपकी कमी कहाँ है, फिर तय करें।
upsc ki taiyari kaise ki jaati hai, रोज़ कितने घंटे चाहिए?
पूर्णकालिक उम्मीदवार के लिए रोज़ 8–9 घंटे का केंद्रित अध्ययन व्यावहारिक है, जिसमें लगभग 1.5–2 घंटे करेंट अफेयर्स और 45–60 मिनट उत्तर लेखन शामिल हो। नौकरीपेशा उम्मीदवार कार्यदिवसों में 4 और सप्ताहांत में 9–10 घंटे से काम चला सकते हैं, पर उन्हें लंबी समय-सीमा रखनी चाहिए। घंटों से ज़्यादा ज़रूरी है कि हर सप्ताह का लक्ष्य पूरा हो।
upsc ki preparation kaise kare अगर नौकरी करते हैं?
सुबह के 2 घंटे स्टैटिक विषयों को दें, रात का 1.5–2 घंटे करेंट अफेयर्स और लेखन को, और सप्ताहांत मॉक टेस्ट, वैकल्पिक विषय और रिवीजन को। सफ़र का समय ऑडियो (आकाशवाणी की हिंदी चर्चा) और मोबाइल पर MCQ के लिए इस्तेमाल करें। पहले गंभीर प्रयास का लक्ष्य कम से कम 12–15 महीने दूर रखें।
upsc ki taiyari kaise kare in hindi, क्या हिंदी माध्यम से चयन संभव है?
हाँ। UPSC नियमों के अनुसार मुख्य परीक्षा के सभी मेरिट वाले पेपर हिंदी में लिखे जा सकते हैं, और साक्षात्कार का माध्यम भी हिंदी चुना जा सकता है (यह DAF में बताना होता है)। हिंदी माध्यम से चयन की संख्या अंग्रेज़ी की तुलना में कम है, पर हर वर्ष चयन होते हैं (राज्यसभा में दिए आँकड़ों के अनुसार 2022 में हिंदी/मैथिली से 27 IAS/IPS)। सबसे बड़ा अंतर उत्तर लेखन के अभ्यास और सही वैकल्पिक विषय से आता है।
civil service ki taiyari kaise karen, ग्रेजुएशन के साथ?
कॉलेज के पहले-दूसरे वर्ष में NCERT, एक हिंदी अख़बार और सिलेबस से परिचय काफ़ी है। अंतिम वर्ष में मानक किताबें और उत्तर लेखन शुरू करें। नियम के अनुसार अंतिम वर्ष के छात्र प्रारंभिक परीक्षा दे सकते हैं, पर याद रखें कि उसमें बैठना एक प्रयास गिना जाता है, इसलिए केवल "अनुभव के लिए" परीक्षा देने से पहले सोचें।
upsc exam ki taiyari kaise karen, शून्य से कितना समय लगता है?
शून्य से शुरू करने वाले पूर्णकालिक उम्मीदवार के लिए प्रारंभिक + मुख्य की ठोस तैयारी में आम तौर पर 12–15 महीने लगते हैं। ऊपर की योजना अक्टूबर 2026 से मई 2027 (लगभग 8 महीने) में सिकुड़ी हुई है और बहुत अनुशासन माँगती है। यदि आप नौकरी करते हैं या शुरुआत धीमी रही है, तो 2027 को अभ्यास वर्ष और 2028 को लक्ष्य वर्ष मानना समझदारी है।
upsc ki padhai kaise kare ताकि पढ़ा हुआ याद रहे?
पढ़ने के 24 घंटे, 7 दिन और 30 दिन बाद तीन बार दोहराएँ, और हर टॉपिक के बाद उससे जुड़े PYQ हल करें। खुद से प्रश्न पूछना और उत्तर लिखना, दोबारा पढ़ने से ज़्यादा असरदार है। नोट्स छोटे रखें ताकि अंतिम महीने में पूरा सिलेबस 3–4 बार दोहराया जा सके।
आगे पढ़ें
- upsc ki taiyari kab se kare: आयु, प्रयास और सही समय
- upsc ki pariksha kaise hoti hai: तीनों चरणों का विस्तृत विवरण
- ncert books for upsc in hindi: कौन-सी कक्षा, कौन-सा अध्याय
- upsc books in hindi: हिंदी माध्यम की पूरी पुस्तक सूची
- upsc hindi medium: आँकड़े, चुनौतियाँ और वैकल्पिक विषय
- upsc mock test in hindi: टेस्ट सीरीज़ का सही इस्तेमाल
स्रोत
- UPSC: Civil Services Examination 2026 Notification (PDF) — आयु, प्रयास, शैक्षिक योग्यता, परीक्षा योजना (400/1750/275/2025 अंक), CSAT 33%, पेपर-A/B 25% और मैट्रिक स्तर, प्रयास गिनने का नियम, अंतिम वर्ष के छात्रों की पात्रता, नकारात्मक अंकन 1/3, प्रश्नपत्र हिंदी-अंग्रेज़ी दोनों में, मुख्य परीक्षा में आठवीं अनुसूची की भाषा/अंग्रेज़ी में उत्तर, तकनीकी शब्द कोष्ठक में अंग्रेज़ी में, वैकल्पिक विषयों की सूची
- Vision IAS: UPSC Calendar 2027 — CSE 2027: नोटिफिकेशन 13 जनवरी 2027, अंतिम तिथि 2 फ़रवरी 2027, प्रारंभिक 23 मई 2027, मुख्य 20 अगस्त 2027 से 5 दिन (मूल कैलेंडर: upsc.gov.in/examinations/exam-calendar)
- Drishti IAS: UPSC 2026 Notification and Exam Dates — CSE 2026 नोटिफिकेशन 4 फ़रवरी, आवेदन 27 फ़रवरी 2026 तक
- Drishti IAS: UPSC Prelims Result 2026 — प्रारंभिक 24 मई 2026, परिणाम 15 जून 2026, 13,343 सफल, मुख्य 21 अगस्त 2026 से, DAF-I 19–28 जून 2026
- Drishti IAS: UPSC Prelims 2026 Provisional Answer Key — अस्थायी उत्तर कुंजी 27 मई 2026, आपत्ति 31 मई 2026 तक
- Deccan Herald: UPSC to publish provisional key after prelims (3 Oct 2025) — प्रारंभिक के बाद अस्थायी उत्तर कुंजी जारी करने का UPSC का निर्णय
- InsightsIAS: UPSC Mains 2025 GS Paper I question paper — GS पेपर: 3 घंटे, 250 अंक, 20 प्रश्न, 150/250 शब्द-सीमा
- Vision IAS: UPSC Mains 2025 GS and Essay paper analysis — निबंध: दो खंड, हर खंड से एक, 125 अंक प्रति निबंध, लगभग 1000–1200 शब्द
- PMF IAS: UPSC Exam Pattern — प्रारंभिक में GS-I के 100 और CSAT के 80 प्रश्न (पिछले वर्षों का पैटर्न)
- UPSC: Previous Question Papers — पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र आधिकारिक वेबसाइट पर
- NCERT: Textbooks PDF (I–XII) — NCERT किताबें हिंदी सहित मुफ़्त
- Asianet Newsable: NCERT releases new Class 9 textbooks — कक्षा 9 की नई किताबें (NCF-2023 के तहत बदलाव)
- PIB (हिंदी) — PIB विज्ञप्तियाँ हिंदी में
- प्रकाशन विभाग: Journals — योजना और कुरुक्षेत्र के हिंदी संस्करण
- प्रकाशन विभाग: YOJANA (HINDI) और KURUKSHETRA (HINDI) — हिंदी पत्रिकाओं की सदस्यता
- आकाशवाणी: Charcha Ka Vishay Hai — साप्ताहिक हिंदी चर्चा कार्यक्रम, सितंबर 2026 तक जारी
- संसद टीवी: Aapka Kanoon और Desh Deshantar (YouTube playlist) — हिंदी चर्चा कार्यक्रम
- डाउन टू अर्थ (हिंदी) — पर्यावरण पत्रिका का हिंदी संस्करण
- indiabudget.gov.in: आर्थिक समीक्षा 2025-26 मुख्य बातें (हिंदी) — आर्थिक समीक्षा की हिंदी सामग्री
- Amazon: भारत 2026 (India Year Book, हिंदी) — India Year Book का हिंदी संस्करण
- Kavya Books: भारत की राजव्यवस्था, 8वाँ संस्करण — लक्ष्मीकांत का हिंदी 8वाँ संस्करण (McGraw Hill, 2025)
- Amazon: Spectrum आधुनिक भारत का इतिहास (हिंदी) — स्पेक्ट्रम का हिंदी संस्करण
- BYJU'S: UPSC Mains statistics on medium — 2021 में निबंध हिंदी में 470, अंग्रेज़ी में 8,388 (UPSC वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर)
- Vajiram & Ravi: UPSC Prelims Exam Timings 2026 — प्रारंभिक 2026: GS 9:30–11:30, CSAT 2:30–4:30
- BYJU'S: Can I give the UPSC interview in Hindi? — साक्षात्कार का माध्यम हिंदी चुनने का नियम (DAF में)
- InKhabar: Rajya Sabha answer on Hindi medium selections — हिंदी/मैथिली माध्यम से IAS/IPS चयन: 2022 में 27, 2024 में 5