अगर आप upsc hindi medium से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आपने दो तरह की बातें सुनी होंगी। एक पक्ष कहता है कि "हिंदी माध्यम से अब चयन नहीं होता", दूसरा कहता है कि "भाषा कोई बाधा नहीं"। दोनों बातें अधूरी हैं। इस लेख में हम भावनाओं की जगह सरकारी आंकड़ों, UPSC की अधिसूचना के नियमों और सत्यापित उदाहरणों से बात करेंगे।
आपको यहाँ मिलेगा: संसद में दिए गए 2021–2024 के आंकड़े और UPSC वार्षिक रिपोर्ट के निबंध-माध्यम आंकड़े (तालिका सहित, सावधान व्याख्या के साथ); 2011 से अब तक CSAT और मुख्य परीक्षा में हुए बदलावों का इतिहास; हिंदी माध्यम की पाँच असली चुनौतियाँ और हर एक का व्यावहारिक समाधान; मुख्य परीक्षा व साक्षात्कार के भाषा नियम; वैकल्पिक विषय चुनने का तर्क; दैनिक दिनचर्या; और हिंदी में मुफ़्त आधिकारिक स्रोत। सभी तथ्य सितंबर 2026 तक जाँचे गए हैं।
UPSC Hindi Medium के आंकड़े: तस्वीर क्या कहती है
संसद में दिया गया उत्तर (2021–2024)
अगस्त 2026 में राज्यसभा में कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक लिखित उत्तर में हिंदी और अन्य आठवीं अनुसूची की भाषाओं में मुख्य परीक्षा लिखने वाले अभ्यर्थियों के आंकड़े दिए (मीडिया रिपोर्ट के अनुसार)। नीचे की तालिका में अंतिम कॉलम हमारी अपनी गणना है।
| वर्ष | हिंदी/मैथिली माध्यम से IAS/IPS में चयन | हिंदी + अन्य 8वीं अनुसूची भाषाएँ: मुख्य परीक्षा में बैठे | इनमें से चयनित (सभी सेवाएँ) | चयन अनुपात (गणना) |
|---|---|---|---|---|
| 2021 | 10 | 538 | 26 | लगभग 4.8% |
| 2022 | 27 | 587 | 71 | लगभग 12.1% |
| 2023 | 14 | 599 | 57 | लगभग 9.5% |
| 2024 | 5 | 1,133 | 50 | लगभग 4.4% |
इसी उत्तर में सरकार ने यह भी कहा कि प्रारंभिक परीक्षा "माध्यम-तटस्थ" है, क्योंकि प्रश्न हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में होते हैं और उत्तर OMR पर दिए जाते हैं, इसलिए प्रारंभिक परीक्षा का भाषा-वार आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
UPSC वार्षिक रिपोर्ट: निबंध प्रश्नपत्र किस भाषा में लिखा गया
| वर्ष | अंग्रेज़ी | हिंदी | अन्य भाषाएँ | कुल | हिंदी का हिस्सा (गणना) |
|---|---|---|---|---|---|
| 2016 | 13,490 | 1,320 | 332 | 15,142 | लगभग 8.7% |
| 2017 | 11,740 | 1,066 | 352 | 13,158 | लगभग 8.1% |
| 2018 | 9,122 | 889 | 256 | 10,267 | लगभग 8.7% |
| 2019 | 10,723 | 571 | 155 | 11,449 | लगभग 5.0% |
| 2020 | 9,720 | 486 | 136 | 10,342 | लगभग 4.7% |
| 2021 | 8,388 | 470 | 87 | 8,945 | लगभग 5.3% |
इन आंकड़ों को कैसे पढ़ें (और कैसे न पढ़ें)
- दोनों तालिकाएँ एक-दूसरे से सीधे मेल नहीं खातीं। पहली तालिका में हिंदी के साथ बाकी भारतीय भाषाएँ भी जुड़ी हैं, दूसरी में केवल निबंध प्रश्नपत्र की गिनती है। "वर्ष" का अर्थ परीक्षा-वर्ष है या रिपोर्ट-वर्ष, यह भी स्रोतों में पूरी तरह साफ़ नहीं है। इसलिए इन्हें रुझान समझने के लिए पढ़ें, दशमलव तक तुलना के लिए नहीं।
- हिंदी में मुख्य परीक्षा लिखने वालों की संख्या 2016 से 2021 तक लगभग एक-तिहाई रह गई (1,320 से 470)। यह गिरावट कुल अभ्यर्थियों की गिरावट से तेज़ है, क्योंकि कुल में हिंदी का हिस्सा भी घटा।
- 2024 में भारतीय भाषाओं से मुख्य परीक्षा देने वाले लगभग दोगुने हुए (599 से 1,133), पर चयन 57 से 50 रहा। यानी संख्या बढ़ी, पर सफलता का अनुपात घटा। अकेले एक वर्ष से स्थायी निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगी।
- IAS/IPS वाला कॉलम सबसे अस्थिर है (10, 27, 14, 5)। संख्याएँ छोटी हैं, इसलिए कुछ अभ्यर्थियों की रैंक ऊपर-नीचे होने से बड़ा उतार-चढ़ाव दिखता है।
- इन आंकड़ों से कारण सिद्ध नहीं होता। कम सफलता का कारण मूल्यांकन, अनुवाद, अध्ययन सामग्री, कोचिंग तक पहुँच या अभ्यर्थियों की पृष्ठभूमि, इनमें से कोई या कई हो सकते हैं। किसी सरकारी अध्ययन ने अब तक इसे एक कारण से नहीं जोड़ा है। जो लोग "मूल्यांकन में भेदभाव" को सिद्ध तथ्य बताते हैं, वे आंकड़े से आगे की बात कर रहे हैं।
आपके लिए व्यावहारिक निष्कर्ष यह है: हिंदी माध्यम में प्रतिस्पर्धा कम लोगों के बीच है, पर अंतिम सूची तक पहुँचने के लिए आपको उन्हीं कॉपियों से मुकाबला करना है जो अंग्रेज़ी में लिखी गई हैं। रणनीति इसी हिसाब से बनानी होगी।
गिरावट का इतिहास: 2011 से 2026 तक क्या बदला
| वर्ष | बदलाव | हिंदी माध्यम पर असर का संदर्भ |
|---|---|---|
| 2011 | प्रारंभिक परीक्षा में वैकल्पिक विषय हटाकर CSAT (सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-II) लाया गया, जो मेरिट में जुड़ता था | CSAT में अंग्रेज़ी बोधगम्यता और अनूदित गद्यांशों को लेकर शिकायतें शुरू हुईं |
| मार्च 2013 | नई अधिसूचना (5 मार्च 2013) में भारतीय भाषा में मुख्य परीक्षा लिखने के लिए स्नातक उसी माध्यम से होने और किसी भाषा के कम से कम 25 अभ्यर्थी होने जैसी शर्तें आईं | संसद में विरोध के बाद 15 मार्च 2013 को अधिसूचना स्थगित हुई और भाषा संबंधी शर्तें वापस ली गईं |
| 2013 | मुख्य परीक्षा का नया ढाँचा: दो की जगह एक वैकल्पिक विषय, सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्र (GS-IV नीतिशास्त्र), निबंध 250 अंक | GS का वज़न बढ़ा, जिसमें करेंट अफेयर्स और विश्लेषण ज़्यादा है |
| 2014 | CSAT के विरोध में बड़े आंदोलन; 1 अगस्त 2014 को राज्यसभा में विपक्ष का बहिर्गमन; 4 अगस्त 2014 को सरकार ने घोषणा की कि CSAT के अंग्रेज़ी बोधगम्यता वाले प्रश्नों के अंक ग्रेडेशन/मेरिट में नहीं गिने जाएँगे, और 2011 वाले अभ्यर्थियों को 2015 में एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा | तात्कालिक राहत, पर CSAT मेरिट में बना रहा |
| नवंबर 2014 | 2014 की प्रारंभिक परीक्षा में हिंदी अनुवाद की शिकायतों पर प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल की अध्यक्षता वाली समिति के बाद UPSC ने बताया कि अनुवाद में CSTT की शब्दावली अपनाई जाती है | अनुवाद का मुद्दा आधिकारिक रूप से स्वीकार हुआ |
| 13 मई 2015 | सरकार ने CSAT को क्वालिफाइंग बना दिया, न्यूनतम 33% अंक (200 में 66) | 2015 से प्रारंभिक परीक्षा की मेरिट केवल सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-I से |
| मार्च–अप्रैल 2026 | संसद की स्थायी समिति ने UPSC से CSAT की समग्र समीक्षा की सिफ़ारिश की (मीडिया रिपोर्ट) | सितंबर 2026 तक CSAT नियम में कोई बदलाव अधिसूचित नहीं |
इस इतिहास से एक बात साफ़ है: 2015 के बाद प्रारंभिक परीक्षा की सबसे बड़ी भाषाई बाधा काफ़ी हद तक हटी। 2016 के बाद की गिरावट (ऊपर की तालिका) का संबंध मुख्य परीक्षा और अंतिम चयन से ज़्यादा है, जहाँ लेखन, सामग्री और मूल्यांकन की भूमिका होती है। फिर भी CSAT का 33% हिंदी माध्यम के कई अभ्यर्थियों के लिए आज भी वास्तविक जोखिम है, ख़ासकर गणित और अनूदित गद्यांशों के कारण।
UPSC Hindi माध्यम के नियम: मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार
नीचे के नियम CSE 2026 की अधिसूचना (परीक्षा सूचना सं. 05/2026-CSE, दिनांक 04.02.2026) पर आधारित हैं।
प्रश्नपत्र किस भाषा में आते हैं
- प्रारंभिक परीक्षा के दोनों प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में छपते हैं।
- मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र (भाषा साहित्य के प्रश्नपत्रों को छोड़कर) भी केवल हिंदी और अंग्रेज़ी में होते हैं। यानी अगर आप मैथिली या मराठी में लिखते हैं, तब भी प्रश्न आपको हिंदी/अंग्रेज़ी में ही पढ़ने होंगे।
- "संदेह होने पर अंग्रेज़ी संस्करण मान्य होगा" जैसा कोई नियम हमें 2026 की अधिसूचना में नहीं मिला। कई कोचिंग स्रोत ऐसा लिखते हैं; व्यवहार में सुरक्षित तरीका यह है कि किसी भी अस्पष्ट हिंदी शब्द पर उसी प्रश्न का अंग्रेज़ी पाठ ज़रूर पढ़ें, क्योंकि प्रश्न मूल रूप से अंग्रेज़ी में ही तैयार होते हैं।
उत्तर किस भाषा में लिख सकते हैं
- क्वालिफाइंग प्रश्नपत्र A (भारतीय भाषा) और B (अंग्रेज़ी) को छोड़कर सभी प्रश्नपत्र (निबंध, GS-I से IV, वैकल्पिक विषय के दोनों प्रश्नपत्र) आठवीं अनुसूची की किसी एक भाषा या अंग्रेज़ी में लिखे जा सकते हैं।
- माध्यम आपको परीक्षा-विशेष फ़ॉर्म (Exam Specific Form) भरते समय ही बताना होता है, और अधिसूचना के अनुसार बाद में इसे बदलने का अनुरोध स्वीकार नहीं होता। इसलिए माध्यम का निर्णय प्रारंभिक परीक्षा के आवेदन से पहले पक्का कर लें।
- मिश्रण का नियम: भारतीय भाषा में लिखने वाले अभ्यर्थी चाहें तो केवल तकनीकी शब्दों का अंग्रेज़ी रूप कोष्ठक में दे सकते हैं, जैसे "मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee)"। इस छूट का दुरुपयोग करने पर कुल अंकों से कटौती हो सकती है, और गंभीर मामलों में कॉपी "अनधिकृत माध्यम" मानकर जाँची नहीं जाती। अर्थात पूरे वाक्य या पैराग्राफ़ अंग्रेज़ी में न लिखें।
- प्रश्नपत्र A और B मैट्रिक स्तर के हैं, 300-300 अंक के, और इनमें 25% अंक लाना ज़रूरी है; ये अंक रैंकिंग में नहीं जुड़ते। अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड और सिक्किम के अभ्यर्थियों के लिए प्रश्नपत्र A अनिवार्य नहीं है।
साक्षात्कार की भाषा
2026 की अधिसूचना में साक्षात्कार (275 अंक, कोई न्यूनतम अंक नहीं) की भाषा पर अलग से नियम नहीं लिखा है। साक्षात्कार का माध्यम मुख्य परीक्षा के बाद भरे जाने वाले विस्तृत आवेदन पत्र (DAF) में चुना जाता है। UPSC ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक हलफ़नामे में जो रुख रखा था (मीडिया रिपोर्ट), उसके अनुसार भारतीय भाषा में लिखने वाले उसी भाषा, हिंदी या अंग्रेज़ी में साक्षात्कार दे सकते हैं; और जिन्हें प्रश्नपत्र A से छूट है, उनके लिए विकल्प हिंदी या अंग्रेज़ी है। DAF भरते समय उस वर्ष के निर्देश ज़रूर पढ़ें।
हिंदी में साक्षात्कार देने से अंक कम होते हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। बोर्ड आपकी स्पष्टता, संतुलित निर्णय और सोच को परखता है; जिस भाषा में आप सबसे सहज हैं, वही चुनें।
असली चुनौतियाँ और हर एक का समाधान
1. अध्ययन सामग्री देर से और कमज़ोर अनुवाद में
मानक अंग्रेज़ी पुस्तकों के हिंदी संस्करण अक्सर कुछ महीने बाद आते हैं, और कई जगह अनुवाद शाब्दिक होता है। करेंट अफेयर्स की अच्छी अंग्रेज़ी सामग्री हिंदी में या तो देर से आती है या संक्षिप्त होकर।
क्या करें:
- आधार के लिए सरकारी हिंदी स्रोत लें: NCERT की हिंदी पाठ्यपुस्तकें, PIB हिंदी, योजना और कुरुक्षेत्र के हिंदी अंक, IGNOU eGyanKosh की हिंदी सामग्री। इनका हिंदी मूल या आधिकारिक अनुवाद होता है।
- हर विषय की एक ही मानक पुस्तक का नवीनतम हिंदी संस्करण लें और उसी को बार-बार दोहराएँ। किस विषय में कौन सी पुस्तक, यह हमारी हिंदी पुस्तक सूची में है।
- जहाँ हिंदी अनुवाद भ्रामक लगे, उस अध्याय का अंग्रेज़ी मूल केवल संदर्भ के लिए देखें। पूरी किताब दोबारा अंग्रेज़ी में पढ़ने की ज़रूरत नहीं।
2. प्रश्नपत्र का अनुवाद
2019 में एक संगठन ने "population" को "समष्टि" और "data" को "दत्त" लिखे जाने जैसे उदाहरण उठाए थे। 2014 में UPSC ने स्वयं बताया कि अनुवाद में वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग (CSTT) की शब्दावली का उपयोग होता है।
क्या करें:
- CSTT की वेबसाइट पर उपलब्ध शब्दावलियाँ देखें और अपने विषय के 200–300 प्रमुख पारिभाषिक शब्दों की एक सूची बनाएँ: अंग्रेज़ी शब्द, UPSC-शैली का हिंदी शब्द, और आम बोलचाल का शब्द।
- प्रारंभिक परीक्षा के PYQ हल करते समय हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों पाठ पढ़ने की आदत डालें। परीक्षा में यह आदत 10–15 सेकंड लेती है, पर एक गलत अर्थ से बचा सकती है।
- CSAT के गद्यांश अनूदित होते हैं और कभी-कभी भारी भाषा में होते हैं। ऐसे गद्यांश पर पहले अंग्रेज़ी पाठ का पहला और आख़िरी वाक्य पढ़ें; मुख्य विचार अक्सर वहीं होता है।
3. कम मूल्यांकनकर्ता, कम साथी, कम टेस्ट सीरीज़
हिंदी में गुणवत्तापूर्ण टेस्ट सीरीज़ और उत्तर मूल्यांकन के विकल्प कम हैं, और हिंदी में लिखने वाले साथी भी कम मिलते हैं जिनसे कॉपी की तुलना हो सके।
क्या करें:
- 4–5 हिंदी माध्यम साथियों का एक छोटा समूह बनाएँ जो हर सप्ताह एक-दूसरे की 5 उत्तर-प्रतियाँ जाँचे, एक तय मानदंड पर: प्रश्न की माँग, संरचना, उदाहरण/आंकड़े, निष्कर्ष।
- टॉपर्स की हिंदी कॉपियाँ पढ़ें, पर नकल के लिए नहीं, संरचना समझने के लिए।
- मॉक टेस्ट के चुनाव और विश्लेषण पर विस्तार से हिंदी में मॉक टेस्ट वाले लेख में लिखा है।
- अगर आसपास जाँचने वाला नहीं मिलता, तो UPSC Answer Check के /evaluate पर आप हिंदी में टाइप किया हुआ या हाथ से लिखे पन्ने की फ़ोटो वाला उत्तर जाँच सकते हैं; अंक, छूटे कीवर्ड और मॉडल उत्तर मिलता है, और हर महीने 5 मूल्यांकन मुफ़्त हैं। इसे मानव प्रतिक्रिया का पूरक मानें, विकल्प नहीं।
4. देवनागरी में लिखने की गति
GS के एक प्रश्नपत्र में हाल के वर्षों में आमतौर पर 20 प्रश्न आते हैं और समय 3 घंटे होता है, यानी औसतन 9 मिनट प्रति प्रश्न। देवनागरी में मात्राएँ, शिरोरेखा और संयुक्ताक्षर लिखने में समय लगता है, इसलिए कई हिंदी माध्यम अभ्यर्थी आख़िरी 2–3 प्रश्न छोड़ देते हैं।
क्या करें:
- शिरोरेखा पूरे शब्द पर एक बार में खींचें, हर अक्षर पर अलग से नहीं।
- लंबे शब्दों के छोटे मानक रूप अपनाएँ: "एवं" की जगह "व", "इत्यादि" की जगह "आदि"।
- पहले 60 दिन रोज़ 3 उत्तर (एक 150 शब्द, दो 250 शब्द) घड़ी लगाकर लिखें। 150 शब्द 7 मिनट और 250 शब्द 11 मिनट में लिखना लक्ष्य रखें।
- फ्लोचार्ट, तालिका और भारत का रेखाचित्र भाषा से स्वतंत्र हैं; ये कम शब्दों में ज़्यादा बात कहते हैं।
5. करेंट अफेयर्स की अंग्रेज़ी शब्दावली
नीतियाँ, रिपोर्टें और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ पहले अंग्रेज़ी नाम से ख़बरों में आती हैं: "Carbon Border Adjustment Mechanism", "Digital Personal Data Protection Act"। प्रश्न में इनका हिंदी अनुवाद आपको पहली बार दिख सकता है।
क्या करें:
- करेंट अफेयर्स नोट्स में हर नए शब्द को दो भाषाओं में लिखें: "कार्बन सीमा समायोजन तंत्र (CBAM)"।
- PIB की हिंदी और अंग्रेज़ी प्रेस विज्ञप्ति एक साथ खोलकर पढ़ें; सरकार ने किस शब्द का आधिकारिक हिंदी रूप लिया है, यह वहीं से पता चलता है।
- मुख्य परीक्षा में ऐसे शब्द का हिंदी रूप लिखकर कोष्ठक में अंग्रेज़ी संक्षिप्त नाम दें। यह ऊपर बताए गए नियम के भीतर है।
हिंदी माध्यम के लिए वैकल्पिक विषय का चुनाव
वैकल्पिक विषय 500 अंक का है, इसलिए यह निर्णय तीन कसौटियों पर लें: (1) हिंदी में स्तरीय सामग्री कितनी है, (2) GS से कितना मेल है, (3) आपकी रुचि और पृष्ठभूमि। UPSC माध्यम-वार वैकल्पिक विषय की सफलता दर प्रकाशित नहीं करता, इसलिए "इस विषय से हिंदी वालों का चयन ज़्यादा होता है" जैसे दावों पर भरोसा न करें।
| वैकल्पिक विषय | हिंदी में सामग्री | GS से मेल | ध्यान देने की बात |
|---|---|---|---|
| हिंदी साहित्य | भरपूर; मूल पाठ ही हिंदी में | निबंध, प्रश्नपत्र A, नीतिशास्त्र की भाषा | स्वाभाविक रूप से हिंदी में सोचने-लिखने वालों के लिए; पाठ्यक्रम निश्चित है। विस्तार hindi for upsc लेख में |
| इतिहास | भरपूर (NCERT, IGNOU हिंदी, अनूदित मानक पुस्तकें) | GS-I का बड़ा हिस्सा, निबंध | पाठ्यक्रम लंबा; विश्व इतिहास पर अलग मेहनत |
| भूगोल | अच्छी | GS-I, GS-III (पर्यावरण, आपदा), प्रारंभिक परीक्षा | मानचित्र और आरेख भाषा से स्वतंत्र; भौतिक भूगोल में विज्ञान की समझ चाहिए |
| लोक प्रशासन | ठीक-ठाक | GS-II, GS-IV | सिद्धांत वाला भाग अनूदित पुस्तकों में कभी-कभी भारी भाषा में |
| राजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध | अच्छी (IGNOU हिंदी सामग्री उपयोगी) | GS-II, निबंध | अंतरराष्ट्रीय संबंध में करेंट अफेयर्स का दबाव |
| समाजशास्त्र | तुलनात्मक रूप से कम | GS-I (समाज), निबंध | विचारकों के मूल ग्रंथ अंग्रेज़ी में; हिंदी में अच्छे नोट्स बनाने होंगे |
| दर्शनशास्त्र | ठीक-ठाक | GS-IV (नीतिशास्त्र) | पाठ्यक्रम अपेक्षाकृत छोटा; अमूर्त विषय, सबके लिए सहज नहीं |
दो बातें और। पहली, 2013 में साहित्य विषय के लिए स्नातक में वही विषय होने की शर्त प्रस्तावित हुई थी पर वापस ले ली गई; 2026 की अधिसूचना में ऐसी कोई शर्त नहीं लिखी है। दूसरी, नीचे बताए गए दोनों सत्यापित टॉपर्स (निशांत जैन और रवि कुमार सिहाग) का वैकल्पिक विषय हिंदी साहित्य था। यह एक उदाहरण है, नियम नहीं; अगर साहित्य में आपकी रुचि नहीं है तो केवल इस आधार पर उसे न चुनें।
IAS Hindi Medium के सफल अभ्यर्थी: सत्यापित उदाहरण
हमने यहाँ केवल वही नाम लिए हैं जिनकी रैंक और माध्यम एक से अधिक स्रोतों में मिलते हैं।
| नाम | परीक्षा वर्ष | रैंक | वैकल्पिक विषय | उल्लेखनीय बात |
|---|---|---|---|---|
| निशांत जैन | CSE 2014 | AIR 13 | हिंदी साहित्य | उस वर्ष हिंदी माध्यम के टॉपर; वैकल्पिक में 313 अंक (166 + 147) |
| रवि कुमार सिहाग | CSE 2021 | AIR 18 | हिंदी साहित्य | श्रीगंगानगर (राजस्थान); पहले प्रयासों में रैंक 337 (2018) और 317 (2019), भारतीय रक्षा लेखा सेवा के प्रशिक्षण के दौरान फिर प्रयास |
| मोहन लाल | CSE 2023 | AIR 53 | — | उस वर्ष हिंदी माध्यम में सर्वोच्च रैंक |
रवि कुमार सिहाग के अनुभव से एक व्यावहारिक सीख निकलती है: उन्होंने बुनियादी अंग्रेज़ी समझ को ज़रूरी बताया, ताकि अंग्रेज़ी स्रोत और प्रश्नपत्र का अंग्रेज़ी पाठ समझ में आ सके। यानी हिंदी में लिखना और अंग्रेज़ी पढ़ पाना, दोनों साथ चलते हैं। उनकी रैंक का सुधार (337 से 317 से 18) यह भी दिखाता है कि उत्तर-लेखन में सुधार कई प्रयासों में धीरे-धीरे आता है।
UPSC preparation Hindi medium: दैनिक दिनचर्या
नीचे की दिनचर्या उस अभ्यर्थी के लिए है जो पूरे समय पढ़ रहा है और मुख्य परीक्षा से 10–12 महीने दूर है। नौकरी करने वाले इसे 5–6 घंटे में समेट सकते हैं: सुबह का करेंट अफेयर्स और रात का उत्तर-लेखन न छोड़ें। शुरुआत से पूरी योजना के लिए UPSC की तैयारी कैसे करें देखें।
| समय | काम | हिंदी माध्यम के लिए ख़ास |
|---|---|---|
| 6:00–7:30 | अख़बार (एक हिंदी राष्ट्रीय दैनिक) + PIB | नए शब्दों की द्विभाषी सूची में 5–10 शब्द जोड़ें |
| 7:30–8:00 | 10–20 प्रारंभिक MCQ | हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों पाठ पढ़कर हल करें |
| 8:30–11:30 | GS का मुख्य विषय (नई पढ़ाई) | एक मानक पुस्तक; अस्पष्ट अंश का अंग्रेज़ी मूल केवल संदर्भ के लिए |
| 12:30–2:30 | वैकल्पिक विषय | अपने हाथ से हिंदी नोट्स; हर अध्याय के बाद 2 PYQ की रूपरेखा |
| 3:30–4:30 | CSAT (सप्ताह में 4 दिन) / निबंध (2 दिन) | गणित के सूत्र और शब्दावली दोनों भाषाओं में याद रखें |
| 4:30–6:00 | रिवीज़न | पिछले 7 दिन का काम; रविवार को पूरा सप्ताह |
| 7:00–8:00 | उत्तर-लेखन: 3 प्रश्न, घड़ी के साथ | 150 शब्द = 7 मिनट, 250 शब्द = 11 मिनट का लक्ष्य |
| 8:00–8:30 | उत्तर की स्व-जाँच या साथी से जाँच | संरचना, कीवर्ड, निष्कर्ष; गलतियाँ एक अलग कॉपी में |
साप्ताहिक नियम: हर रविवार एक पूरा GS प्रश्नपत्र या 10 प्रश्नों का टेस्ट 90 मिनट में; हर महीने एक पूरा निबंध 3 घंटे में। प्रारंभिक परीक्षा से 4 महीने पहले उत्तर-लेखन घटाकर प्रारंभिक की तैयारी बढ़ाएँ, पर पूरी तरह बंद न करें।
CSAT को हल्के में न लें: हिंदी माध्यम के कई अभ्यर्थी 33% (66 अंक) पर अटकते हैं। अगर पिछले तीन वर्षों के CSAT प्रश्नपत्र घड़ी लगाकर हल करने पर आपके अंक 90 से कम आते हैं, तो CSAT को रोज़ 1 घंटा दें।
हिंदी में मुफ़्त और आधिकारिक स्रोत
| स्रोत | क्या मिलता है | कैसे उपयोग करें |
|---|---|---|
| NCERT पाठ्यपुस्तकें (ncert.nic.in) | कक्षा 6–12 की हिंदी पुस्तकें, मुफ़्त | आधार; कौन सी पुस्तक, यह NCERT सूची में |
| UPSC हिंदी वेबसाइट (upsc.gov.in/hi) | पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र, अधिसूचना | हिंदी-अंग्रेज़ी दोनों पाठ वाले मूल प्रश्नपत्र |
| PIB (pib.gov.in) | सरकारी प्रेस विज्ञप्ति, हिंदी में भी | योजनाओं के आधिकारिक हिंदी नाम |
| प्रकाशन विभाग (योजना, कुरुक्षेत्र) | मासिक पत्रिकाएँ हिंदी में | GS-II/III और निबंध के लिए उदाहरण |
| IGNOU eGyanKosh | स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्य सामग्री, कई विषय हिंदी में | वैकल्पिक विषय (इतिहास, राजनीति विज्ञान आदि) |
| CSTT (cstt.education.gov.in) | विषयवार पारिभाषिक शब्दावली | UPSC-शैली के हिंदी शब्द |
UPSC Answer Check पर प्रारंभिक परीक्षा के 2014–2026 के PYQ (/prelims/pyq) अधिकांश प्रश्नों के लिए हिंदी व्याख्या के साथ मुफ़्त पढ़े जा सकते हैं, और पूरे ऐप में हिंदी/English स्विच है, जिससे एक ही प्रश्न दोनों भाषाओं में देखा जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
क्या upsc hindi medium से अब भी IAS बनना संभव है?
हाँ। राज्यसभा में दिए आंकड़ों के अनुसार 2021 से 2024 के बीच हर वर्ष हिंदी/मैथिली माध्यम से 5 से 27 अभ्यर्थी IAS/IPS में चुने गए। संख्या कम है और घटती-बढ़ती रही है, पर शून्य नहीं है। CSE 2021 में रवि कुमार सिहाग की AIR 18 इसका उदाहरण है।
Hindi IAS टॉपर्स ने कौन सा वैकल्पिक विषय लिया?
निशांत जैन (CSE 2014, AIR 13) और रवि कुमार सिहाग (CSE 2021, AIR 18) दोनों का वैकल्पिक विषय हिंदी साहित्य था। पर इतिहास, भूगोल, लोक प्रशासन जैसे विषयों से भी हिंदी माध्यम में चयन होते हैं। विषय अपनी रुचि, हिंदी सामग्री और GS से मेल देखकर चुनें।
IAS Hindi में इंटरव्यू दे सकते हैं?
हाँ। साक्षात्कार का माध्यम DAF में चुना जाता है, और हिंदी का विकल्प उपलब्ध है। हिंदी में साक्षात्कार देने से अंक कम मिलते हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है।
क्या मुख्य परीक्षा में कुछ प्रश्न हिंदी और कुछ अंग्रेज़ी में लिख सकते हैं?
नहीं। प्रश्नपत्र A और B को छोड़कर सभी प्रश्नपत्र आपको एक ही चुने हुए माध्यम में लिखने हैं, जो परीक्षा-विशेष फ़ॉर्म में बताया जाता है। केवल तकनीकी शब्दों का अंग्रेज़ी रूप कोष्ठक में दे सकते हैं; इसका दुरुपयोग करने पर अंक कट सकते हैं।
ias hindi medium वालों के लिए CSAT कितना बड़ा जोखिम है?
2015 से CSAT केवल क्वालिफाइंग है और इसमें 33% (200 में 66) अंक चाहिए। फिर भी गद्यांशों का अनुवाद और गणित हिंदी माध्यम के कई अभ्यर्थियों के लिए कठिन रहता है। घड़ी लगाकर पिछले प्रश्नपत्र हल करें; 90 से कम आने पर रोज़ अभ्यास करें।
UPSC IAS Hindi में पढ़ाई के लिए मुफ़्त स्रोत कौन से हैं?
NCERT की हिंदी पाठ्यपुस्तकें, UPSC की हिंदी वेबसाइट पर पिछले प्रश्नपत्र, PIB हिंदी, योजना-कुरुक्षेत्र, IGNOU eGyanKosh की हिंदी सामग्री और CSTT की शब्दावली। ये सब आधिकारिक और मुफ़्त हैं।
हिंदी माध्यम में प्रश्नपत्र का अनुवाद समझ न आए तो क्या करें?
उसी प्रश्न का अंग्रेज़ी पाठ पढ़ें, जो उसी प्रश्नपत्र में साथ छपा होता है। UPSC अनुवाद में CSTT की शब्दावली अपनाता है, इसलिए तैयारी के दौरान ही CSTT के मानक शब्दों से परिचित हो जाएँ।
क्या माध्यम बाद में बदला जा सकता है?
अधिसूचना के अनुसार मुख्य परीक्षा का माध्यम परीक्षा-विशेष फ़ॉर्म में ही बताना होता है और उसके बाद बदलाव का अनुरोध स्वीकार नहीं होता। अगले वर्ष के आवेदन में आप नया माध्यम चुन सकते हैं।
आगे पढ़ें
- UPSC की तैयारी कैसे करें: शून्य से चयन तक
- UPSC की हिंदी पुस्तक सूची
- UPSC के लिए NCERT पुस्तकें हिंदी में
- UPSC मॉक टेस्ट हिंदी में
- Hindi for UPSC: अनिवार्य हिंदी और हिंदी साहित्य वैकल्पिक
- UPSC की परीक्षा कैसे होती है
स्रोत
- UPSC CSE: only 5 candidates from Hindi medium become IAS/IPS in 2024 — InKhabar — राज्यसभा लिखित उत्तर (डॉ. जितेंद्र सिंह, 2026): 2021–2024 के चयन/उपस्थिति आंकड़े; प्रारंभिक परीक्षा "माध्यम-तटस्थ"
- UPSC Mains: statistics on candidates' medium of examination — BYJU'S — UPSC वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार निबंध प्रश्नपत्र के भाषा-वार आंकड़े 2016–2021
- Examination Notice No. 05/2026-CSE — UPSC — उत्तर का माध्यम, तकनीकी शब्द कोष्ठक में, अनधिकृत माध्यम, प्रश्नपत्र हिंदी-अंग्रेज़ी में, प्रश्नपत्र A/B (300 अंक, 25%, छूट), मुख्य परीक्षा अंक योजना, साक्षात्कार 275 अंक, CSAT 33%, माध्यम में बदलाव नहीं
- 15 years of UPSC CSAT — ThePrint — 2011 में CSAT, 1 अगस्त 2014 का बहिर्गमन, 2026 में संसदीय समिति की सिफ़ारिश
- Govt says English marks not to be counted in CSAT grading — The News Minute — 4 अगस्त 2014 की घोषणा, 2011 वालों को अतिरिक्त अवसर
- 33% qualifying marks for CSAT in civil prelims — DNA — 13 मई 2015 का निर्णय
- UPSC Notification 2013 kept in abeyance — ClearIAS — 5 मार्च 2013 की अधिसूचना की भाषा संबंधी शर्तें
- Language changes rolled back in civil services exams — IAS Exam Portal — 15 मार्च 2013 को स्थगन, 25 अभ्यर्थी वाली शर्त हटाना, निबंध 250 अंक, चार GS प्रश्नपत्र
- Changes in UPSC CSE pattern — BYJU'S — 2013 में दो से एक वैकल्पिक विषय, GS-IV नीतिशास्त्र
- UPSC: methodology for translation of questions from English to Hindi — CareerIndia — नवंबर 2014, पुरुषोत्तम अग्रवाल समिति, CSTT शब्दावली
- UPSC question paper gets 'lost in translation' — ThePrint — 2019 में उठाए गए अनुवाद उदाहरण
- Aspirants can give personality test interview in mother tongue — IAS Exam Portal — साक्षात्कार माध्यम पर UPSC का बॉम्बे हाई कोर्ट में रुख
- Medium of UPSC interview — BYJU'S — साक्षात्कार माध्यम DAF में चुना जाता है
- Ravi Kumar Sihag, AIR 18 — Indian Masterminds — CSE 2021 AIR 18, हिंदी माध्यम, हिंदी साहित्य, पिछली रैंक, श्रीगंगानगर
- Nishant Jain, Rank 13, Hindi medium topper — Unravelling CSE — CSE 2014 AIR 13, हिंदी साहित्य, 313 अंक
- मोहन लाल (रैंक 53) 2023 — दृष्टि IAS और Insights from UPSC CSE-2023 — Indian Masterminds — CSE 2023 में हिंदी माध्यम की सर्वोच्च रैंक
- वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग (CSTT) — पारिभाषिक शब्दावलियाँ
- eGyanKosh (IGNOU) — हिंदी पाठ्य सामग्री
- NCERT पाठ्यपुस्तकें — मुफ़्त हिंदी पुस्तकें
- UPSC पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र (हिंदी) — द्विभाषी प्रश्नपत्र, GS प्रश्नपत्र का प्रारूप