22 मिनट का लेख · तथ्य 23 सितंबर 2026 तक जाँचे गए

Hindi for UPSC: अनिवार्य हिंदी पेपर, हिंदी साहित्य वैकल्पिक और हिंदी माध्यम

Hindi for UPSC: मुख्य परीक्षा का अनिवार्य हिंदी पेपर (300 अंक, 25% क्वालिफाइंग), 2024–26 पेपर का ढाँचा, 4 हफ्ते की योजना और हिंदी साहित्य वैकल्पिक विषय।

"Hindi for UPSC" खोजने वाले ज़्यादातर लोग चार में से कोई एक बात जानना चाहते हैं। पहली, मुख्य परीक्षा का अनिवार्य भारतीय भाषा पेपर (Paper A) अगर हिंदी में दें तो उसमें क्या आता है और उसे पास कैसे करें। दूसरी, हिंदी साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में लेना ठीक रहेगा या नहीं। तीसरी, क्या पूरी परीक्षा हिंदी में लिखी जा सकती है। और चौथी, निबंध व साक्षात्कार में हिंदी कैसे काम आती है।

इस लेख में ये चारों बातें हैं। नियम CSE 2026 के आधिकारिक नोटिफिकेशन से लिए गए हैं। Paper A का ढाँचा 2024, 2025 और 2026 के असली हिंदी प्रश्न-पत्रों से मिलाकर लिखा गया है। साथ में आपको 4 हफ्ते की तैयारी योजना, संक्षेपण (précis) और अनुवाद के हल किए हुए उदाहरण, और हिंदी साहित्य के पाठ्यक्रम व किताबों की सूची मिलेगी। (सितंबर 2026 तक की जानकारी)

Hindi for UPSC: अनिवार्य हिंदी पेपर (Paper A) के नियम

मुख्य परीक्षा में दो क्वालिफाइंग पेपर होते हैं: Paper A (संविधान की आठवीं अनुसूची की कोई एक भारतीय भाषा) और Paper B (अंग्रेज़ी)। दोनों 300-300 अंक के होते हैं। हिंदी भाषी उम्मीदवार अक्सर Paper A में हिंदी चुनते हैं। नोटिफिकेशन के मुख्य नियम ये हैं:

बिंदु नियम (CSE 2026 नोटिफिकेशन)
पूर्णांक 300 अंक, समय 3 घंटे
स्तर मैट्रिकुलेशन (10वीं) या समकक्ष
प्रकृति केवल क्वालिफाइंग; अंक मेरिट में नहीं जुड़ते
न्यूनतम अंक Paper A में 25% (यानी 300 में 75) और Paper B में भी 25%
न्यूनतम अंक न आने पर निबंध, GS और वैकल्पिक विषय के पेपर गिने ही नहीं जाते
उत्तर की भाषा हिंदी में, सिर्फ़ अनुवाद वाले प्रश्न को छोड़कर; लिपि देवनागरी

ध्यान दें: UPSC सभी पेपरों की जाँच साथ-साथ करता है। लेकिन अगर Paper A या Paper B में 25% से कम अंक आए, तो आपके निबंध, GS और वैकल्पिक विषय के अंक गिने नहीं जाएँगे, चाहे वे कितने भी अच्छे हों। इसलिए "यह तो बस क्वालिफाइंग है" सोचकर इस पेपर को छोड़ देना भारी पड़ सकता है।

Paper A से किसे छूट मिलती है

नोटिफिकेशन के अनुसार Paper A दो तरह के उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य नहीं है:

  1. छह पूर्वोत्तर राज्यों के उम्मीदवार: अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड और सिक्किम।
  2. PwBD उम्मीदवार, पर केवल श्रवण बाधित (Hearing Impairment) उप-श्रेणी: शर्त यह है कि उन्हें संबंधित शिक्षा बोर्ड या विश्वविद्यालय से दूसरी या तीसरी भाषा के कोर्स में छूट मिली हो। छूट के लिए आयोग को एक अंडरटेकिंग या स्व-घोषणा देनी होती है।

बाकी PwBD श्रेणियों के लिए अलग से कोई छूट नहीं है। Paper B (अंग्रेज़ी) की छूट का कोई प्रावधान नोटिफिकेशन में नहीं है।

पाठ्यक्रम: नोटिफिकेशन क्या कहता है

नोटिफिकेशन के अनुसार इस पेपर का उद्देश्य यह परखना है कि आप गंभीर गद्य पढ़कर समझ सकते हैं या नहीं, और अपनी बात साफ़ व सही भाषा में लिख सकते हैं या नहीं। भारतीय भाषा पेपर में मोटे तौर पर ये पाँच हिस्से होते हैं:

  1. दिए गए गद्यांश का बोध (comprehension)
  2. संक्षेपण (précis writing)
  3. शब्द-प्रयोग और शब्द-भंडार (usage and vocabulary)
  4. लघु निबंध (short essay)
  5. अंग्रेज़ी से भारतीय भाषा में और भारतीय भाषा से अंग्रेज़ी में अनुवाद

अनिवार्य हिंदी प्रश्न-पत्र का ढाँचा: 2024, 2025 और 2026 के पेपर

मैंने पिछले तीन सालों के असली हिंदी (अनिवार्य) प्रश्न-पत्र देखे। 2024 का कोड PHKM-C-HND था, 2025 का SLPM-C-HND और 2026 (29 अगस्त 2026) का KVMS-C-HND। तीनों सालों में प्रश्नों का क्रम और अंक-विभाजन बिल्कुल एक जैसा रहा:

प्रश्न प्रकार निर्देश अंक
Q1 निबंध 4 विषयों में से किसी एक पर 600 शब्दों में 100
Q2 गद्यांश-बोध गद्यांश पढ़कर 5 प्रश्न, हर प्रश्न 12 अंक का 12×5 = 60
Q3 संक्षेपण लगभग एक-तिहाई शब्दों में, अपने शब्दों में, शीर्षक की ज़रूरत नहीं 60
Q4 अनुवाद: हिंदी → अंग्रेज़ी एक गद्यांश 20
Q5 अनुवाद: अंग्रेज़ी → हिंदी एक गद्यांश 20
Q6 (a) मुहावरे अर्थ बताकर वाक्य में प्रयोग 2×5 = 10
Q6 (b) वाक्य-शुद्धि वाक्यों के शुद्ध रूप लिखिए 2×5 = 10
Q6 (c) पर्यायवाची हर शब्द के दो-दो पर्यायवाची 2×5 = 10
Q6 (d) युग्म शब्द ऐसे वाक्य बनाइए जिनसे अर्थ का अंतर साफ़ हो 2×5 = 10
कुल 300

पिछले पेपरों से कुछ ठोस बातें सामने आती हैं:

  • निबंध के विषय सामान्य होते हैं। 2024 में "क्या भारत में पेयजल संकट आसन्न है?" और लोकोक्ति "थोथा चना बाजे घना" पूछे गए। 2025 में "डिजिटल भुगतान के लाभ" और "खेलों में भारतीय महिलाओं की बढ़ती भागीदारी" थे। 2026 में "भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान और मंगलयान" और "स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता" आए। इनके लिए GS जितनी गहराई नहीं चाहिए। ज़रूरी यह है कि निबंध सुगठित हो और भाषा शुद्ध हो।
  • संक्षेपण का गद्यांश लंबा होता है। 2024 के पेपर में उसकी लंबाई 622 शब्द लिखी थी और 2026 में 748 शब्द। यानी आपको करीब 200–250 शब्दों का सार लिखना होता है।
  • Q6 के 40 अंक सबसे आसान हैं। ये 20 छोटे-छोटे हिस्से हैं, जिनमें 20 मिनट में 30+ अंक लाए जा सकते हैं।

लोग अनिवार्य हिंदी पेपर में फेल क्यों होते हैं

UPSC Paper A में फेल होने वालों का भाषावार आँकड़ा प्रकाशित नहीं करता। इसलिए यहाँ कोई प्रतिशत नहीं दिया गया है। पर पेपर का ढाँचा देखने पर जोखिम की वजहें साफ़ दिखती हैं:

  1. 12वीं के बाद हिंदी में लंबा कुछ नहीं लिखा। यह स्थिति ख़ासकर उन अंग्रेज़ी माध्यम उम्मीदवारों की होती है जो हिंदी भाषी राज्यों से हैं और "घर की भाषा" मानकर हिंदी चुन लेते हैं। बोलना आसान होता है, पर शुद्ध वर्तनी और वाक्य-रचना के साथ तीन घंटे लिखना अलग बात है।
  2. पेपर अधूरा छूट जाना। 100 अंक के निबंध में ज़्यादा समय लगा देने से अनुवाद और Q6 छूट जाते हैं, जबकि वही 80 अंक सबसे आसानी से मिलते हैं।
  3. संक्षेपण में शब्द-सीमा की अनदेखी। पेपर में साफ़ लिखा होता है कि शब्द-सीमा से बहुत लंबा या बहुत छोटा उत्तर होने पर अंक कट सकते हैं।
  4. अनुवाद शब्द-दर-शब्द करना। ऐसा अनुवाद पढ़ने में अटपटा लगता है और मुहावरे का अर्थ ही बदल देता है।
  5. हिंदी वाक्यों के बीच अंग्रेज़ी शब्द। "सरकार ने स्कीम इम्प्लीमेंट की" जैसी भाषा यहाँ नहीं चलती। उत्तर हिंदी में ही लिखने का निर्देश होता है।
  6. वर्तनी की लगातार गलतियाँ। जैसे ि/ी, ु/ू, अनुस्वार और चंद्रबिंदु, "कि/की" का फ़र्क़, और "ने" के साथ क्रिया का लिंग।

तीन घंटे का समय-विभाजन (सुझाव)

हिस्सा अंक समय
Q6: मुहावरे, शुद्धि, पर्याय, युग्म (सबसे पहले करें) 40 20 मिनट
Q4 + Q5: दोनों अनुवाद 40 30 मिनट
Q2: गद्यांश-बोध 60 30 मिनट
Q3: संक्षेपण 60 40 मिनट
Q1: निबंध 100 50 मिनट
दोहराव और वर्तनी जाँच — 10 मिनट

उत्तर-पुस्तिका प्रश्न-सह-उत्तर (QCA) होती है, यानी हर उत्तर तय जगह पर लिखना होता है। इसलिए ऊपर से नीचे के क्रम में लिखना ज़रूरी नहीं है। यह योजना इस सोच पर बनी है कि 75 अंक का लक्ष्य सबसे सुरक्षित तरीके से पक्का हो जाए।

हल किए गए उदाहरण (अभ्यास के लिए स्वयं लिखे गए)

उदाहरण 1: संक्षेपण कैसे करें

मूल अनुच्छेद (लगभग 150 शब्द):

गाँवों से शहरों की ओर पलायन को अक्सर केवल रोज़गार की तलाश के रूप में देखा जाता है, पर इसके पीछे कई परतें हैं। खेती की घटती आमदनी, छोटे होते खेत और मौसम की अनिश्चितता किसान परिवारों के युवाओं को विकल्प खोजने पर मजबूर करती है। दूसरी ओर, शहर बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक स्वतंत्रता का आकर्षण भी पेश करते हैं। किंतु शहर पहुँचकर अधिकांश प्रवासियों को असंगठित क्षेत्र में अस्थायी काम मिलता है, जहाँ न सामाजिक सुरक्षा होती है, न रहने की ठीक व्यवस्था। परिणामस्वरूप शहरों में झुग्गियाँ बढ़ती हैं और गाँवों में खेती बुज़ुर्गों और महिलाओं के भरोसे रह जाती है। इसलिए पलायन की समस्या का हल केवल शहरों में आवास बनाने से नहीं होगा। ज़रूरी है कि गाँवों में ही खेती के अलावा आय के साधन, कौशल-प्रशिक्षण और बुनियादी सुविधाएँ विकसित की जाएँ, ताकि गाँव छोड़ना मजबूरी नहीं, चुनाव बने।

चरण:

  1. मूल अनुच्छेद के शब्द गिनें (यहाँ लगभग 150), यानी लक्ष्य लगभग 50 शब्द रखें।
  2. हर वाक्य का केंद्रीय विचार एक-दो शब्दों में हाशिये पर लिखें: धकेलने वाले कारण, खींचने वाले कारण, शहर की सच्चाई, दोहरा नुकसान, समाधान।
  3. उदाहरणों की सूचियाँ हटाएँ ("शिक्षा, स्वास्थ्य..." की जगह "शहरी सुविधाएँ" लिखें)।
  4. अपने शब्दों में, अन्य पुरुष (third person) में और लेखक के ही क्रम में लिखें।

संक्षेपण (लगभग 50 शब्द):

गाँव से शहर की ओर पलायन केवल रोज़गार का प्रश्न नहीं है। खेती का घाटा युवाओं को धकेलता है और शहरी सुविधाएँ खींचती हैं। पर शहर में प्रवासी असुरक्षित, अस्थायी काम और झुग्गियों में फँस जाते हैं, और गाँव की खेती कमज़ोर पड़ती है। समाधान गाँवों में ही वैकल्पिक आय, कौशल और सुविधाएँ विकसित करना है।

उदाहरण 2: अनुवाद की एक जोड़ी

अंग्रेज़ी → हिंदी

Clean drinking water is not merely a matter of convenience; it decides how often children fall ill and how many days they miss school. When a village gets a reliable tap connection, women save hours that were earlier spent fetching water.

कमज़ोर (शब्दशः) अनुवाद: "साफ़ पीने का पानी केवल सुविधा का एक मामला नहीं है; यह निर्णय करता है कितनी बार बच्चे बीमार गिरते हैं..."

बेहतर अनुवाद: "स्वच्छ पेयजल केवल सुविधा का विषय नहीं है। इसी से तय होता है कि बच्चे कितनी बार बीमार पड़ते हैं और कितने दिन स्कूल नहीं जा पाते। जब किसी गाँव में भरोसेमंद नल-कनेक्शन पहुँचता है, तो महिलाओं के वे घंटे बच जाते हैं जो पहले पानी ढोने में लगते थे।"

इस अनुवाद में ध्यान देने की बातें: "fall ill" का अनुवाद "बीमार पड़ना" है, "बीमार गिरना" नहीं। लंबे अंग्रेज़ी वाक्य को दो हिंदी वाक्यों में तोड़ना ठीक है। और "fetching water" का स्वाभाविक हिंदी रूप "पानी ढोना" है।

हिंदी → अंग्रेज़ी

सहकारी समितियों ने छोटे पशुपालकों को दूध बेचने के लिए सीधे बाज़ार तक पहुँच दी है। अब उन्हें बिचौलियों के भरोसे हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठना पड़ता।

अनुवाद: "Cooperative societies have given small dairy farmers direct access to the market for their milk. They no longer have to sit idle, depending on middlemen."

यहाँ मुहावरे "हाथ पर हाथ धरे बैठना" का अर्थ-अनुवाद (sit idle) किया गया है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

उदाहरण 3: Q6 जैसे छोटे प्रश्न

  • मुहावरा: आँखों का तारा होना, यानी बहुत प्रिय होना। वाक्य: "छोटी बहन पूरे परिवार की आँखों का तारा है।" (अर्थ और वाक्य दोनों लिखें, क्योंकि प्रश्न दोनों माँगता है।)
  • वाक्य-शुद्धि: "प्रत्येक विद्यार्थियों को पुस्तक मिलेगी" का शुद्ध रूप है "प्रत्येक विद्यार्थी को पुस्तक मिलेगी"। "मैंने घर जाना है" का शुद्ध रूप है "मुझे घर जाना है"। "दही खट्टी है" का शुद्ध रूप है "दही खट्टा है"।
  • युग्म शब्द: दिन–दीन: "दीन व्यक्ति की सहायता के लिए कोई दिन तय नहीं होता।" कुल–कूल: "उस कुल के लोग नदी के कूल पर बसे हैं।"

3–4 हफ्ते की तैयारी योजना (रोज़ 60–90 मिनट)

यह योजना मुख्य परीक्षा से ठीक पहले के महीने के लिए है, जब GS की पढ़ाई भी साथ चल रही होती है।

सप्ताह क्या करें आउटपुट
1 2024 का पूरा हिंदी पेपर 3 घंटे में घड़ी लगाकर हल करें और खुद जाँचें। उसके बाद रोज़ 20 मिनट व्याकरण: लिंग, वचन, कारक, वर्तनी अपनी कमज़ोरियों की सूची; रोज़ 10 मुहावरे, 10 पर्यायवाची और 5 युग्म लिखकर याद करें
2 गद्यांश-बोध और संक्षेपण: अख़बार के संपादकीय से 400–600 शब्द के अनुच्छेद लें एक दिन छोड़कर एक संक्षेपण; हर बार शब्द गिनें
3 अनुवाद और निबंध: PIB के हिंदी-अंग्रेज़ी दोनों संस्करणों से मिलान करके अनुवाद का अभ्यास करें रोज़ एक अनुवाद (100–150 शब्द); हफ्ते में दो निबंध (600 शब्द, 45 मिनट में)
4 2025 और 2026 के पेपर पूरे 3 घंटे में लिखें। वर्तनी की गलतियों की अपनी सूची दोहराएँ दो पूरे मॉक; समय-विभाजन पक्का

अगर आपके पास केवल 3 हफ्ते हैं, तो सप्ताह 2 और 3 को मिलाकर एक कर दें। Q6 और अनुवाद का अभ्यास रोज़ जारी रखें। व्याकरण के लिए बदरीनाथ कपूर की "नवशती हिंदी व्याकरण" (राजकमल प्रकाशन समूह) और शब्दार्थ के लिए कोई अच्छा हिंदी कोश, जैसे "लोकभारती बृहत् प्रामाणिक हिंदी कोश", पर्याप्त हैं। 10वीं के स्तर के लिए NCERT की कक्षा 9–10 की हिंदी पाठ्यपुस्तकें भी काम आती हैं।

हिंदी साहित्य (Hindi Literature) वैकल्पिक विषय

वैकल्पिक विषयों की सूची में "Literature" के तहत हिंदी भी है। इसके दो पेपर होते हैं, 250-250 अंक के, यानी कुल 500 अंक। नोटिफिकेशन के अनुसार दोनों पेपरों के उत्तर हिंदी में ही लिखने होते हैं। यानी अगर आप बाकी परीक्षा अंग्रेज़ी में लिख रहे हैं, तब भी यह वैकल्पिक विषय हिंदी में ही लिखना होगा।

पाठ्यक्रम: Paper I (इतिहास और भाषा)

खंड विषय
खंड A: हिंदी भाषा और नागरी लिपि का इतिहास अपभ्रंश, अवहट्ट और प्रारंभिक हिंदी; ब्रज और अवधी का साहित्यिक विकास; सिद्ध-नाथ साहित्य, खुसरो, संत साहित्य, रहीम और दक्खिनी में खड़ी बोली का आरंभिक रूप; 19वीं सदी में खड़ी बोली और नागरी का विकास; मानकीकरण; स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान और संघ की भाषा के रूप में हिंदी; वैज्ञानिक-तकनीकी हिंदी; प्रमुख बोलियाँ; नागरी लिपि की विशेषताएँ और सुधार; मानक हिंदी की व्याकरणिक संरचना
खंड B: हिंदी साहित्य का इतिहास साहित्य-इतिहास लेखन की परंपरा; आदिकाल (चंदबरदाई, खुसरो, हेमचंद्र, विद्यापति); भक्तिकाल (कबीर, जायसी, सूर, तुलसी); रीतिकाल (केशव, बिहारी, पद्माकर, घनानंद); आधुनिक काल (भारतेंदु मंडल, छायावाद से जनवादी कविता तक); उपन्यास और कहानी; नाटक और रंगमंच; आलोचना (शुक्ल, द्विवेदी, रामविलास शर्मा, नगेंद्र); ललित निबंध, रेखाचित्र, संस्मरण, यात्रा-वृत्तांत

पाठ्यक्रम: Paper II (निर्धारित पाठ)

नोटिफिकेशन के अनुसार Paper II में निर्धारित पाठ खुद पढ़े होने चाहिए, और यह पेपर उम्मीदवार की आलोचनात्मक क्षमता परखता है।

खंड A: काव्य खंड B: गद्य
कबीर: कबीर ग्रंथावली, सं. श्यामसुंदर दास (पहली 100 साखियाँ) भारतेंदु: भारत दुर्दशा
सूरदास: भ्रमरगीत सार, सं. रामचंद्र शुक्ल (पहले 100 पद) मोहन राकेश: आषाढ़ का एक दिन
तुलसीदास: रामचरितमानस (सुंदरकांड), कवितावली (उत्तरकांड) रामचंद्र शुक्ल: चिंतामणि भाग 1 (कविता क्या है, श्रद्धा और भक्ति)
जायसी: पद्मावत, सं. श्यामसुंदर दास (सिंहलद्वीप खंड, नागमती वियोग खंड) डॉ. सत्येंद्र (सं.): निबंध निलय (बालकृष्ण भट्ट, प्रेमचंद, गुलाब राय, हजारी प्रसाद द्विवेदी, रामविलास शर्मा, अज्ञेय, कुबेरनाथ राय)
बिहारी: बिहारी रत्नाकर, सं. जगन्नाथदास रत्नाकर (पहले 100 दोहे) प्रेमचंद: गोदान; प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ, सं. अमृत राय
मैथिलीशरण गुप्त: भारत भारती प्रसाद: स्कंदगुप्त
प्रसाद: कामायनी (चिंता और श्रद्धा सर्ग) यशपाल: दिव्या
निराला: राग-विराग, सं. रामविलास शर्मा (राम की शक्ति पूजा, कुकुरमुत्ता) फणीश्वरनाथ रेणु: मैला आँचल
दिनकर: कुरुक्षेत्र मन्नू भंडारी: महाभोज
अज्ञेय: आँगन के पार द्वार (असाध्य वीणा) राजेंद्र यादव (सं.): एक दुनिया समानांतर (सभी कहानियाँ)
मुक्तिबोध: ब्रह्मराक्षस
नागार्जुन: बादल को घिरते देखा है, अकाल और उसके बाद, हरिजन गाथा

प्रश्नों का स्वरूप: 2025 के Paper II में पहला प्रश्न पाँच काव्यांशों की सप्रसंग व्याख्या का था, हर व्याख्या लगभग 150 शब्दों में। अगले प्रश्नों में निर्धारित कृतियों पर 20, 15 और 15 अंक के आलोचनात्मक उप-प्रश्न थे, जैसे "भारत-भारती" में राष्ट्रीय चेतना या "कुकुरमुत्ता" का मूल प्रतिपाद्य। इसका सीधा मतलब है कि व्याख्या के लिए मूल पंक्तियाँ पहचाननी आनी चाहिए, और यह केवल सार-संग्रह (गाइड) पढ़कर नहीं आता।

किसे चुनना चाहिए, किसे नहीं

पक्ष में विपक्ष में
पाठ्यक्रम तय और सीमित है; करेंट अफेयर्स पर निर्भरता नहीं GS से लगभग कोई ओवरलैप नहीं, यानी 500 अंक की अलग तैयारी
स्नातक में हिंदी साहित्य पढ़ चुके उम्मीदवारों के लिए स्वाभाविक विकल्प Paper II के 20+ निर्धारित पाठ मूल रूप में पढ़ने होते हैं
निबंध और Paper A की भाषा व अभिव्यक्ति भी साथ-साथ निखरती है उत्तर हिंदी में ही लिखने होते हैं, अंग्रेज़ी माध्यम वालों के लिए बड़ी शर्त
ज़्यादातर किताबें मूल रूप से हिंदी में हैं, अनुवाद की समस्या नहीं साहित्य में रुचि न हो तो व्याख्या और आलोचना बोझिल लगती है

सीधी सलाह: अगर आपने स्नातक या परास्नातक में हिंदी साहित्य पढ़ा है, या आप नियमित रूप से साहित्य पढ़ते हैं, तो इसे गंभीरता से सोचें। अगर आप इसे केवल "हिंदी माध्यम का विषय" मानकर चुन रहे हैं, तो पहले Paper II की 5 कृतियाँ (जैसे कामायनी के दो सर्ग, गोदान, आषाढ़ का एक दिन) पढ़कर देखें और हाल के दो पेपर हल करने की कोशिश करें। उसके बाद ही फ़ैसला करें।

तैयारी का तरीका और मानक किताबें

  1. पहले मूल पाठ पढ़ें (अंदाज़न 2–3 महीने)। Paper II की हर कृति मूल रूप में पढ़ें। काव्य के लिए हर कवि की 25–30 पंक्तियाँ ऐसी चुनें जिनकी व्याख्या आप बिना देखे कर सकें।
  2. फिर साहित्य का इतिहास पढ़ें। यह Paper I खंड B और Paper II दोनों का आधार है।
  3. भाषा वाला हिस्सा अलग से तैयार करें (Paper I खंड A)। अपभ्रंश से खड़ी बोली तक का विकास और नागरी लिपि, दोनों अपेक्षाकृत छोटे और अंक दिलाने वाले हिस्से हैं।
  4. PYQ से अभ्यास करें। UPSC की वेबसाइट पर पिछले प्रश्न-पत्र उपलब्ध हैं। हर हफ्ते 5 व्याख्याएँ और 2 आलोचनात्मक उत्तर समय सीमा में लिखें।
किताब लेखक/संपादक किस हिस्से के लिए
हिंदी साहित्य का इतिहास आचार्य रामचंद्र शुक्ल साहित्य का इतिहास; आलोचना-दृष्टि
हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास बच्चन सिंह (राजकमल प्रकाशन समूह) आधुनिक काल तक का सुगठित इतिहास
हिंदी साहित्य का इतिहास डॉ. नगेंद्र (संपादक) काल-वार तथ्य और प्रवृत्तियाँ
हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास रामकुमार वर्मा (राजकमल प्रकाशन समूह) आदिकाल-भक्तिकाल की गहराई
हिंदी: उद्भव, विकास और रूप हरदेव बाहरी Paper I खंड A: भाषा और लिपि
सभी निर्धारित मूल पाठ ऊपर की तालिका के अनुसार Paper II: व्याख्या और आलोचना

(किताबों के संस्करण बदलते रहते हैं, इसलिए यहाँ कोई विशेष संस्करण नहीं बताया गया है। कोई भी हाल का प्रामाणिक संस्करण लें।)

पूरी परीक्षा हिंदी में लिखना

नोटिफिकेशन के अनुसार आप Paper A और Paper B को छोड़कर मुख्य परीक्षा के सभी पेपर (निबंध, GS 1–4 और वैकल्पिक विषय) आठवीं अनुसूची की किसी भी भाषा या अंग्रेज़ी में लिख सकते हैं। एक काम का नियम भी है: भारतीय भाषा में लिखने वाले उम्मीदवार तकनीकी शब्दों का अंग्रेज़ी रूप कोष्ठक में लिख सकते हैं, जैसे "मुद्रास्फीति (inflation)"। पर इस छूट का दुरुपयोग करने पर अंक काटे जा सकते हैं। इसलिए पूरा वाक्य अंग्रेज़ी में न लिखें।

हिंदी माध्यम से चयन की स्थिति, उसकी असली चुनौतियाँ (किताबों के देर से आने वाले अनुवाद, कम टेस्ट सीरीज़, देवनागरी में लिखने की गति) और उनसे निपटने की रणनीति पर हमने अलग लेख लिखा है: UPSC हिंदी माध्यम: आँकड़े, चुनौतियाँ और रणनीति। उदाहरण के लिए, सरकार के राज्यसभा उत्तर के अनुसार 2024 में हिंदी/मैथिली में मुख्य परीक्षा लिखकर IAS/IPS में चुने गए उम्मीदवारों की संख्या केवल 5 थी।

हिंदी में उत्तर लिखने की सबसे बड़ी समस्या यह है कि आपको पता नहीं चलता कि आपके उत्तर में क्या छूट रहा है। UPSC Answer Check पर आप हिंदी में टाइप किया हुआ उत्तर या हाथ से लिखे पन्ने की फोटो डालकर 30 सेकंड से कम में अंक, छूटे हुए कीवर्ड और मॉडल उत्तर देख सकते हैं। हर महीने 5 जाँच मुफ़्त हैं।

निबंध और साक्षात्कार में हिंदी

निबंध (Paper I, 250 अंक): यह मेरिट में जुड़ता है और हिंदी में लिखा जा सकता है। UPSC की वार्षिक रिपोर्टों के अनुसार हिंदी में निबंध लिखने वाले उम्मीदवार तेज़ी से घटे हैं: 2016 में 1,320 थे और 2021 में 470, जबकि 2021 में अंग्रेज़ी में 8,388 उम्मीदवारों ने निबंध लिखा। हिंदी में निबंध लिखते समय तीन बातों का ध्यान रखें:

  • अख़बारी हिंदी का प्रवाह रखें। बहुत संस्कृतनिष्ठ या बहुत बोलचाल वाली भाषा, दोनों से बचें।
  • नीतियों और रिपोर्टों के हिंदी नाम याद रखें (PIB का हिंदी संस्करण इसमें मदद करता है)। जहाँ शब्द तकनीकी हो, वहाँ अंग्रेज़ी रूप कोष्ठक में लिखें।
  • हिंदी साहित्य की पंक्तियाँ और कहावतें निबंध की शुरुआत और अंत में असर डालती हैं, बशर्ते वे विषय से जुड़ी हों।

करेंट अफेयर्स के अंग्रेज़ी शब्दों के हिंदी पर्याय रोज़ पढ़ने के लिए UPSC Answer Check का दैनिक करेंट अफेयर्स हिंदी में उपलब्ध है, जिसमें रोज़ 21 MCQ होते हैं।

साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण, 275 अंक): अंतिम मेरिट 2025 अंकों की होती है (1750 लिखित + 275 साक्षात्कार)। हिंदी माध्यम के उम्मीदवार साक्षात्कार हिंदी में दे सकते हैं। साक्षात्कार का माध्यम DAF भरते समय चुनना होता है, इसलिए DAF के निर्देश ध्यान से पढ़ें। बोर्ड भाषा नहीं परखता। नोटिफिकेशन के अनुसार वह मानसिक सजगता, स्पष्ट और तार्किक अभिव्यक्ति, और संतुलित निर्णय जैसे गुण देखता है। हिंदी में जवाब देते समय अपनी DAF से जुड़े शब्द (जैसे अपने स्नातक विषय की शब्दावली) हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में तैयार रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या अनिवार्य हिंदी पेपर के अंक अंतिम मेरिट में जुड़ते हैं?

नहीं। Paper A (भारतीय भाषा) और Paper B (अंग्रेज़ी) केवल क्वालिफाइंग हैं। पर दोनों में कम से कम 25% (300 में 75) अंक लाना ज़रूरी है। ऐसा न होने पर निबंध, GS और वैकल्पिक विषय के अंक गिने नहीं जाते।

Hindi for UPSC में Paper A का स्तर कितना कठिन होता है?

नोटिफिकेशन के अनुसार इसका स्तर मैट्रिकुलेशन (10वीं) के बराबर है। कठिनाई विषय-वस्तु में नहीं है। चुनौती तीन घंटे में 300 अंक का पेपर शुद्ध हिंदी में, शब्द-सीमा के भीतर पूरा करने में है।

क्या अंग्रेज़ी माध्यम का उम्मीदवार Paper A में हिंदी चुन सकता है?

हाँ। Paper A की भाषा आठवीं अनुसूची की किसी भी भाषा में से चुनी जा सकती है, और इसका आपके बाकी पेपरों के माध्यम से कोई संबंध नहीं है। पर Paper A के उत्तर हिंदी में ही लिखने होंगे, सिर्फ़ अनुवाद वाले प्रश्न इसका अपवाद हैं।

अनिवार्य भाषा पेपर से किसे छूट मिलती है?

अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड और सिक्किम के उम्मीदवारों को छूट मिलती है। साथ ही श्रवण बाधित (Hearing Impairment) उप-श्रेणी के PwBD उम्मीदवारों को भी, बशर्ते उन्हें बोर्ड या विश्वविद्यालय से दूसरी/तीसरी भाषा में छूट मिली हो। इसके लिए आयोग को स्व-घोषणा देनी होती है।

अनिवार्य हिंदी पेपर में कौन-से प्रश्न आते हैं?

2024 से 2026 तक ढाँचा एक जैसा रहा है: 100 अंक का निबंध (600 शब्द), 60 अंक का गद्यांश-बोध, 60 अंक का संक्षेपण, 20-20 अंक के दो अनुवाद, और 40 अंक के मुहावरे, वाक्य-शुद्धि, पर्यायवाची और युग्म शब्द।

इस पेपर की तैयारी में कितना समय देना चाहिए?

अगर आप हिंदी में सहज हैं, तो मुख्य परीक्षा से पहले 3–4 हफ्ते तक रोज़ 60–90 मिनट पर्याप्त हैं। इस दौरान कम से कम तीन पिछले पेपर घड़ी लगाकर पूरे लिखें।

क्या हिंदी साहित्य वैकल्पिक विषय के उत्तर अंग्रेज़ी में लिख सकते हैं?

नहीं। नोटिफिकेशन के अनुसार हिंदी साहित्य के दोनों पेपरों के उत्तर हिंदी में ही लिखने होते हैं, चाहे आप बाकी पेपर किसी भी माध्यम में लिख रहे हों।

क्या बिना साहित्य की पृष्ठभूमि के हिंदी साहित्य वैकल्पिक लिया जा सकता है?

लिया जा सकता है, इस पर कोई रोक नहीं है। पर Paper II में निर्धारित पाठों को मूल रूप में पढ़ना और पंक्तियों की व्याख्या करना होता है। इसलिए विषय चुनने से पहले कुछ कृतियाँ पढ़कर और हाल के दो पेपर हल करके अपनी रुचि जाँच लें।

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