18 मिनट का लेख · तथ्य 23 सितंबर 2026 तक जाँचे गए

UPSC in Hindi: संघ लोक सेवा आयोग, उसकी परीक्षाएँ, सेवाएँ और वेतन

UPSC in Hindi: संघ लोक सेवा आयोग क्या है, इतिहास, अनुच्छेद 315–323, UPSC की सभी परीक्षाएँ, IAS-IPS सहित सेवाएँ, वेतन और हिंदी माध्यम से परीक्षा के नियम।

अगर आप UPSC in Hindi खोज रहे हैं, तो शायद आप जानना चाहते हैं कि UPSC असल में है क्या, यह कौन-कौन सी परीक्षाएँ लेता है, IAS-IPS बनने वाली परीक्षा किस तरह होती है और क्या यह पूरी परीक्षा हिंदी में दी जा सकती है। यह लेख इन्हीं सवालों का सीधा जवाब है, और हर तथ्य के नीचे स्रोत दिए गए हैं।

यहाँ आपको मिलेगा: UPSC का पूरा नाम और संवैधानिक आधार, 1926 से अब तक का इतिहास, आयोग की संरचना, UPSC की हर परीक्षा का एक पंक्ति में परिचय, सिविल सेवा परीक्षा (CSE) से मिलने वाली सेवाओं की सूची, IAS अधिकारी का करियर और वेतन, हिंदी माध्यम के आधिकारिक नियम, और कितने लोग आवेदन करते हैं बनाम कितने चुने जाते हैं। सभी जानकारी सितंबर 2026 तक की है।

UPSC kya hai: एक संवैधानिक भर्ती संस्था

UPSC भारत सरकार की केंद्रीय भर्ती एजेंसी है, लेकिन यह कोई साधारण सरकारी विभाग नहीं है। यह एक संवैधानिक निकाय है, यानी इसका अस्तित्व और अधिकार सीधे संविधान से आते हैं, किसी सामान्य कानून या सरकारी आदेश से नहीं। इसी कारण इसे चुनाव आयोग और CAG की तरह स्वायत्त संस्था माना जाता है।

इसका मुख्य काम है केंद्र सरकार की Group A और Group B सेवाओं के लिए योग्य उम्मीदवार चुनना, चाहे वह लिखित परीक्षा से हो, सीधे साक्षात्कार से हो या विभागीय पदोन्नति के मामलों में सलाह देकर। आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली के धौलपुर हाउस में है।

UPSC ka full form: हिंदी और अंग्रेज़ी में

भाषा पूरा नाम
अंग्रेज़ी Union Public Service Commission
हिंदी संघ लोक सेवा आयोग

"संघ" शब्द यहाँ Union यानी केंद्र सरकार के लिए है। राज्यों के अपने अलग लोक सेवा आयोग होते हैं, जैसे UPPSC, BPSC, MPPSC, RPSC; वे राज्य सेवाओं (जैसे SDM, DSP के राज्य-स्तरीय पद) के लिए भर्ती करते हैं। UPSC केवल केंद्र और अखिल भारतीय सेवाओं के लिए है।

UPSC का इतिहास: 1926 से 1950 तक

वर्ष घटना
1924 ली आयोग (Lee Commission) ने एक स्थायी लोक सेवा आयोग बनाने की सिफ़ारिश की
1 अक्टूबर 1926 भारत में पहला Public Service Commission बना; पहले अध्यक्ष सर रॉस बार्कर
1935 के बाद Government of India Act, 1935 के तहत इसे Federal Public Service Commission का रूप मिला
26 जनवरी 1950 संविधान लागू होते ही इसे Union Public Service Commission के रूप में संवैधानिक दर्जा मिला

इस हिसाब से 1 अक्टूबर 2026 को UPSC अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है। परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए यह केवल रोचक तथ्य नहीं है; संवैधानिक निकायों से जुड़े प्रश्न GS पेपर 2 (राजव्यवस्था) में बार-बार आते हैं।

संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 315 से 323

संविधान के भाग XIV में अनुच्छेद 315 से 323 तक संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों के प्रावधान हैं। इन्हें याद रखने का आसान तरीका नीचे की तालिका है:

अनुच्छेद विषय
315 संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग
316 अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति और कार्यकाल
317 सदस्यों को हटाना और निलंबित करना
318 सदस्यों और कर्मचारियों की सेवा-शर्तें तय करने की शक्ति
319 पद छोड़ने के बाद दूसरी सरकारी नियुक्ति पर रोक
320 आयोग के कार्य (परीक्षा कराना, सलाह देना)
321 संसद कानून बनाकर आयोग के कार्य बढ़ा सकती है
322 आयोग का ख़र्च भारत की संचित निधि पर भारित
323 आयोग की वार्षिक रिपोर्ट राष्ट्रपति को, जो संसद के सामने रखी जाती है

संरचना: अध्यक्ष, सदस्य और कार्यकाल

  • नियुक्ति: अध्यक्ष और सभी सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होते हैं (अनुच्छेद 316)।
  • संख्या: संविधान सदस्यों की संख्या तय नहीं करता, यह राष्ट्रपति पर छोड़ा गया है। व्यवहार में आयोग में एक अध्यक्ष और दस सदस्य तक होते हैं (UPSC (Members) Regulations, 1969 के अनुसार)।
  • अनुभव की शर्त: कम से कम आधे सदस्य ऐसे होने चाहिए जिन्होंने केंद्र या राज्य सरकार में कम से कम 10 वर्ष सेवा की हो।
  • कार्यकाल: 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो।
  • हटाना: दुर्व्यवहार के आरोप पर राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट को जाँच के लिए भेजते हैं; सुप्रीम कोर्ट की राय के बाद ही हटाया जा सकता है। दिवालिया होने, पद के बाहर वेतन वाला काम करने या शारीरिक/मानसिक अक्षमता पर राष्ट्रपति सीधे हटा सकते हैं।
  • पद के बाद: UPSC अध्यक्ष कार्यकाल पूरा होने के बाद केंद्र या राज्य सरकार में कोई और नौकरी नहीं ले सकते।

वर्तमान अध्यक्ष (सितंबर 2026 तक): डॉ. अजय कुमार, 1985 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी और पूर्व रक्षा सचिव। राष्ट्रपति ने मई 2025 में उनकी नियुक्ति की और उन्होंने 15 मई 2025 को पदभार संभाला।

UPSC के कार्य (अनुच्छेद 320)

  1. भर्ती परीक्षाएँ कराना: केंद्र की सेवाओं और अखिल भारतीय सेवाओं के लिए।
  2. सीधी भर्ती (Recruitment by Selection): कई विशेषज्ञ पदों पर केवल आवेदन और साक्षात्कार से चयन।
  3. सलाह देना: भर्ती के नियम, पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति और स्थानांतरण के सिद्धांतों पर।
  4. अनुशासनात्मक मामले: सिविल सेवकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई पर सरकार को सलाह।
  5. पेंशन और क़ानूनी ख़र्च: ड्यूटी के दौरान चोट पर पेंशन या अदालती ख़र्च की प्रतिपूर्ति जैसे दावों पर सलाह।

एक बात ध्यान रखें: UPSC की सलाह सरकार पर बाध्यकारी नहीं है। अगर सरकार सलाह नहीं मानती, तो उसका कारण वार्षिक रिपोर्ट के साथ संसद के सामने रखना होता है।

UPSC कौन-कौन सी परीक्षाएँ कराता है

बहुत से लोग "UPSC" को सिर्फ़ IAS की परीक्षा समझते हैं, जबकि आयोग हर साल कई परीक्षाएँ कराता है। UPSC कैलेंडर 2027 (20 मई 2026 को जारी) के अनुसार प्रमुख परीक्षाएँ ये हैं:

परीक्षा किसके लिए 2027 की तिथि (कैलेंडर के अनुसार)
सिविल सेवा परीक्षा (CSE) IAS, IPS, IFS, IRS समेत 20 से अधिक सेवाएँ प्रारंभिक: 23 मई 2027; मुख्य: 20 अगस्त 2027 से
भारतीय वन सेवा (IFoS) Indian Forest Service, एक अखिल भारतीय सेवा; प्रारंभिक परीक्षा CSE के साथ ही प्रारंभिक: 23 मई 2027; मुख्य: 21 नवंबर 2027 से
इंजीनियरिंग सेवा (ESE/IES) रेलवे, CPWD, रक्षा आदि में इंजीनियर (सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स) प्रारंभिक: 31 जनवरी 2027
NDA & NA (I और II) 12वीं के बाद थल, जल, वायु सेना में अधिकारी प्रशिक्षण 11 अप्रैल और 19 सितंबर 2027
CDS (I और II) स्नातकों के लिए IMA, INA, AFA और OTA 11 अप्रैल और 19 सितंबर 2027
CAPF (AC) BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB में असिस्टेंट कमांडेंट 4 जुलाई 2027
IES/ISS भारतीय आर्थिक सेवा और भारतीय सांख्यिकी सेवा (अर्थशास्त्र/सांख्यिकी के स्नातकोत्तर) 18 जून 2027
संयुक्त चिकित्सा सेवा (CMS) MBBS डॉक्टरों की केंद्र सरकार के अस्पतालों/रेलवे आदि में भर्ती 18 जुलाई 2027
संयुक्त भू-वैज्ञानिक (Geo-Scientist) GSI, केंद्रीय भूजल बोर्ड आदि में भूविज्ञानी, भूभौतिकीविद, रसायनज्ञ प्रारंभिक: 10 जनवरी 2027
भर्ती परीक्षाएँ (RT) और सीधी भर्ती जैसे EPFO के EO/AO और APFC पद; कई विशेषज्ञ पद केवल साक्षात्कार से अधिसूचना के अनुसार

UPSC खुद कहता है कि कैलेंडर की तिथियाँ बदल सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले upsc.gov.in पर अधिसूचना ज़रूर देखें। एक आम भ्रम भी दूर कर लें: IFS का मतलब Indian Foreign Service (विदेश सेवा, CSE से) है, जबकि IFoS Indian Forest Service (वन सेवा, अलग मुख्य परीक्षा से) है।

सिविल सेवा परीक्षा (CSE): कौन-कौन सी सेवाएँ मिलती हैं

"UPSC की तैयारी" कहने वाले ज़्यादातर लोग इसी परीक्षा की बात करते हैं। CSE से भरी जाने वाली सेवाएँ तीन श्रेणियों में बँटी हैं:

1. अखिल भारतीय सेवाएँ (All India Services)

  • भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)
  • भारतीय पुलिस सेवा (IPS)

(तीसरी अखिल भारतीय सेवा, भारतीय वन सेवा, CSE से नहीं बल्कि IFoS परीक्षा से भरी जाती है।)

2. केंद्रीय सेवाएँ, Group A (मुख्य उदाहरण)

  • भारतीय विदेश सेवा (IFS)
  • भारतीय राजस्व सेवा: आयकर (IRS-IT) और सीमा शुल्क व अप्रत्यक्ष कर (IRS-C&IT)
  • भारतीय लेखा-परीक्षा एवं लेखा सेवा (IA&AS)
  • भारतीय सिविल लेखा सेवा, भारतीय रक्षा लेखा सेवा, भारतीय P&T लेखा एवं वित्त सेवा
  • भारतीय डाक सेवा, भारतीय सूचना सेवा, भारतीय व्यापार सेवा
  • भारतीय कॉर्पोरेट विधि सेवा, भारतीय रक्षा संपदा सेवा
  • भारतीय रेल प्रबंधन सेवा (IRMS) की संबंधित शाखाएँ, रेलवे सुरक्षा बल सेवा

3. Group B सेवाएँ

  • सशस्त्र सेना मुख्यालय सिविल सेवा (अनुभाग अधिकारी ग्रेड)
  • DANICS और DANIPS (दिल्ली, अंडमान-निकोबार आदि की सिविल और पुलिस सेवा)
  • पांडिचेरी सिविल सेवा और पांडिचेरी पुलिस सेवा

सेवाओं की सटीक सूची हर वर्ष की अधिसूचना में दी जाती है और समय-समय पर बदलती है, इसलिए अंतिम सूची के लिए उसी वर्ष की अधिसूचना देखें। उदाहरण के लिए, CSE 2024 में कुल 1,129 रिक्तियाँ थीं: IAS 180, IFS 55, IPS 147, Group A 605 और Group B 142।

IAS अधिकारी करियर में क्या करता है

चयन के बाद IAS अधिकारी का प्रशिक्षण लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में होता है और फिर उसे किसी राज्य का कैडर मिलता है। एक सामान्य करियर-क्रम कुछ ऐसा होता है:

चरण आम पद काम
शुरुआती वर्ष सहायक कलेक्टर / SDM उपखंड में क़ानून-व्यवस्था, राजस्व, चुनाव और आपदा प्रबंधन
5–10 वर्ष CDO / जिलाधिकारी (DM, कलेक्टर) पूरे जिले का प्रशासन, विकास योजनाएँ, राजस्व और मजिस्ट्रेट की भूमिका
मध्य करियर राज्य में विशेष/सचिव, केंद्र में उप-सचिव/निदेशक नीति बनाना, विभाग चलाना, बजट
वरिष्ठ संयुक्त सचिव, अपर सचिव, सचिव (भारत सरकार) मंत्रालय स्तर पर नीति और क्रियान्वयन
शीर्ष राज्य के मुख्य सचिव, भारत सरकार के कैबिनेट सचिव पूरे राज्य/देश की नौकरशाही का नेतृत्व

पदोन्नति का समय कैडर और रिक्तियों पर निर्भर करता है, इसलिए ऊपर दिए वर्ष अनुमानित हैं।

वेतन और सुविधाएँ (7वाँ वेतन आयोग)

वेतन स्तर मूल वेतन (शुरुआती) आम पद
Level 10 ₹56,100 प्रवेश स्तर (SDM/सहायक कलेक्टर)
Level 11 ₹67,700 सीनियर टाइम स्केल
Level 12 ₹78,800 जूनियर प्रशासनिक ग्रेड
Level 13 ₹1,18,500 सेलेक्शन ग्रेड
Level 14 ₹1,44,200 सुपर टाइम स्केल
Level 15 ₹1,82,200 हायर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड
Level 17 ₹2,25,000 सचिव (भारत सरकार) / मुख्य सचिव
Level 18 ₹2,50,000 कैबिनेट सचिव

मूल वेतन के ऊपर महँगाई भत्ता (DA, जो हर छह महीने में संशोधित होता है), मकान किराया भत्ता या सरकारी आवास, आधिकारिक वाहन, चिकित्सा सुविधा और पेंशन-अंशदान मिलते हैं। इसलिए हाथ में आने वाली राशि मूल वेतन से काफ़ी ज़्यादा होती है, पर सटीक राशि शहर और DA दर पर निर्भर है।

UPSC kaise: चयन प्रक्रिया तीन चरणों में

सिविल सेवा परीक्षा के तीन चरण हैं:

  1. प्रारंभिक परीक्षा: दो वस्तुनिष्ठ पेपर, सामान्य अध्ययन (GS) और CSAT। CSAT केवल क्वालिफ़ाइंग है (33% अंक चाहिए); मेरिट GS पेपर से बनती है।
  2. मुख्य परीक्षा: नौ वर्णनात्मक पेपर। दो क्वालिफ़ाइंग भाषा पेपर (एक भारतीय भाषा, एक अंग्रेज़ी) और सात मेरिट वाले पेपर: निबंध, GS 1–4 और वैकल्पिक विषय के दो पेपर।
  3. व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार): 275 अंक।

अंतिम मेरिट मुख्य परीक्षा (1,750) और साक्षात्कार (275), यानी कुल 2,025 अंकों पर बनती है। हर पेपर, अंक-योजना और नेगेटिव मार्किंग का पूरा विवरण UPSC की परीक्षा कैसे होती है वाले लेख में है।

पात्रता एक नज़र में (CSE 2026 अधिसूचना): किसी भी विषय में स्नातक; सामान्य/EWS के लिए 1 अगस्त को आयु 21–32 वर्ष (OBC +3, SC/ST +5, PwBD +10 वर्ष छूट); प्रयास सामान्य/EWS 6, OBC 9, SC/ST आयु-सीमा तक असीमित; शुल्क ₹100 (महिला, SC/ST और PwBD के लिए माफ़)। 2026 से एक नया नियम भी है: सेवारत IAS/IFS अधिकारी आवेदन नहीं कर सकते।

UPSC exam in Hindi: क्या पूरी परीक्षा हिंदी में दी जा सकती है?

हाँ। हिंदी माध्यम से CSE का हर चरण दिया जा सकता है। नियम इस प्रकार हैं:

चरण हिंदी में क्या संभव है
प्रारंभिक परीक्षा GS और CSAT दोनों प्रश्न-पत्र हिंदी और अंग्रेज़ी, दोनों भाषाओं में छपे आते हैं
मुख्य परीक्षा प्रश्न-पत्र (भाषा और साहित्य के पेपर छोड़कर) हिंदी और अंग्रेज़ी में होते हैं; उत्तर हिंदी सहित संविधान की आठवीं अनुसूची की किसी भी भाषा या अंग्रेज़ी में लिख सकते हैं
साक्षात्कार जिसने मुख्य परीक्षा किसी भारतीय भाषा में दी, वह उसी भाषा, हिंदी या अंग्रेज़ी में साक्षात्कार दे सकता है; अंग्रेज़ी में लिखने वाला भी हिंदी चुन सकता है

माध्यम आवेदन-पत्र भरते समय चुना जाता है। मुख्य परीक्षा के सभी मेरिट वाले पेपर एक ही माध्यम में लिखने होते हैं, हालाँकि तकनीकी शब्दों का अंग्रेज़ी रूप कोष्ठक में लिखने की अनुमति है। वैकल्पिक विषय के रूप में हिंदी साहित्य और क्वालिफ़ाइंग पेपर A के रूप में हिंदी भाषा भी चुनी जा सकती है; दोनों पर विस्तार से Hindi for UPSC में लिखा गया है।

हिंदी माध्यम की व्यावहारिक चुनौती: प्रश्न-पत्र का हिंदी अनुवाद कभी-कभी कठिन या अटपटा होता है। जिन शब्दों पर संदेह हो, वहाँ प्रश्न का अंग्रेज़ी रूप भी पढ़ लेना सुरक्षित आदत है। अभ्यास के लिए पुराने प्रश्न-पत्र दोनों भाषाओं में साथ-साथ पढ़ें ताकि "federalism = संघवाद" जैसे शब्द-युग्म अपने आप याद हों। UPSC Answer Check पर 2014–2026 के प्रारंभिक परीक्षा के PYQ (GS और CSAT) मुफ़्त में पढ़े जा सकते हैं, और ज़्यादातर प्रश्नों के हर विकल्प की व्याख्या हिंदी में है: /prelims/pyq।

UPSC की हिंदी वेबसाइट: आयोग की आधिकारिक वेबसाइट का हिंदी संस्करण upsc.gov.in/hi पर है। अधिसूचनाएँ, परीक्षा कैलेंडर और परिणाम यहाँ देखे जा सकते हैं; ऑनलाइन आवेदन upsconline.gov.in पर होता है। किसी अनौपचारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट की तिथियों पर भरोसा करने से पहले इन्हीं दो साइटों पर मिलान करें।

हिंदी माध्यम के आँकड़े क्या कहते हैं

राज्यसभा में सरकार के लिखित उत्तर (2026 में रिपोर्ट) के अनुसार, हिंदी या अन्य आठवीं अनुसूची की भाषाओं में मुख्य परीक्षा देने वाले उम्मीदवार और उनमें से चुने गए (सभी सेवाएँ):

वर्ष मुख्य परीक्षा दी चयनित इनमें IAS/IPS (हिंदी/मैथिली माध्यम)
2021 538 26 10
2022 587 71 27
2023 599 57 14
2024 1,133 50 5

यानी रास्ता मौजूद है, लेकिन चयन-दर कम है। इसका मुख्य कारण उत्तर-लेखन की गुणवत्ता, हिंदी में स्तरीय अध्ययन-सामग्री की कमी और लिखने की गति मानी जाती है। इस विषय पर पूरी रणनीति UPSC Hindi Medium लेख में है। अपने हिंदी उत्तरों की जाँच के लिए आप UPSC Answer Check के उत्तर मूल्यांकन पर हिंदी में टाइप किया हुआ या हाथ से लिखे पन्ने की फ़ोटो डालकर अंक, छूटे कीवर्ड और मॉडल उत्तर देख सकते हैं; हर महीने 5 मूल्यांकन मुफ़्त हैं।

कितने आवेदन करते हैं, कितने चुने जाते हैं

CSE 2024 के आधिकारिक आँकड़े (PIB विज्ञप्ति) पूरी प्रतिस्पर्धा की तस्वीर देते हैं:

चरण उम्मीदवार
आवेदन किया 9,92,599
प्रारंभिक परीक्षा में बैठे 5,83,213
मुख्य परीक्षा के लिए योग्य 14,627
साक्षात्कार के लिए योग्य 2,845
अंतिम रूप से अनुशंसित 1,009

मोटे तौर पर परीक्षा में बैठने वाले हर 1,000 में से 2 से भी कम उम्मीदवार अंतिम सूची में पहुँचते हैं। CSE 2025 का अंतिम परिणाम 6 मार्च 2026 को आया, जिसमें 958 उम्मीदवार अनुशंसित हुए (सामान्य 317, EWS 104, OBC 306, SC 158, ST 73)। CSE 2026 में लगभग 933 रिक्तियाँ अधिसूचित हुईं और प्रारंभिक परीक्षा से 13,343 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए योग्य हुए।

इन आँकड़ों का मतलब यह नहीं कि परीक्षा असंभव है। बैठने वालों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की होती है जिन्होंने पूरा पाठ्यक्रम पढ़ा ही नहीं। जो उम्मीदवार योजना बनाकर NCERT, मानक पुस्तकें, PYQ और नियमित उत्तर-लेखन करते हैं, उनकी असली प्रतिस्पर्धा कुछ हज़ार लोगों से होती है।

UPSC in Hindi: तैयारी कहाँ से शुरू करें

पहले 30 दिनों के लिए एक व्यावहारिक क्रम:

  1. अधिसूचना और पाठ्यक्रम पढ़ें: प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम प्रिंट करके पास रखें; हर किताब को इसी से जोड़ें।
  2. पिछले 5 वर्षों के प्रारंभिक प्रश्न-पत्र देखें: अभी हल करने के लिए नहीं, यह समझने के लिए कि प्रश्न किस स्तर के आते हैं।
  3. NCERT से शुरुआत करें: कक्षा 6–12 की इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था और अर्थशास्त्र की किताबें हिंदी में मुफ़्त उपलब्ध हैं। कौन-सी किताबें, इसकी सूची UPSC books in Hindi में है।
  4. रोज़ अख़बार: एक हिंदी अख़बार का संपादकीय पृष्ठ और PIB की प्रमुख विज्ञप्तियाँ, दिन में 60–90 मिनट।
  5. सप्ताह में दो उत्तर लिखें: पहले महीने से ही, भले ही उत्तर कमज़ोर हों।

पूरी रणनीति, जिसमें विषयवार योजना, वैकल्पिक विषय का चुनाव और महीनेवार टाइमटेबल है, हमारे मुख्य लेख UPSC की तैयारी कैसे करें में है। अगर आप अभी स्कूल या कॉलेज में हैं, तो UPSC की तैयारी कब से करें भी पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

UPSC ka full form kya hai?

UPSC का अंग्रेज़ी में पूरा नाम Union Public Service Commission है और हिंदी में संघ लोक सेवा आयोग। यह संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत बना संवैधानिक निकाय है, जो केंद्र सरकार और अखिल भारतीय सेवाओं के लिए भर्ती करता है।

क्या UPSC exam in Hindi देकर IAS बन सकते हैं?

हाँ। प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न-पत्र हिंदी में भी छपते हैं, मुख्य परीक्षा के उत्तर हिंदी में लिखे जा सकते हैं और साक्षात्कार भी हिंदी में दिया जा सकता है। भाषा के आधार पर अंकों में कोई भेदभाव का नियम नहीं है; चुनौती सामग्री और उत्तर-लेखन की गुणवत्ता की है।

UPSC kaise clear kare, कितना समय लगता है?

ज़्यादातर सफल उम्मीदवार 1 से 2 साल की पूर्णकालिक तैयारी के बाद पहला गंभीर प्रयास करते हैं, और कई को एक से अधिक प्रयास लगते हैं। सामान्य/EWS उम्मीदवारों को कुल 6 प्रयास मिलते हैं, इसलिए पहला प्रयास तभी दें जब पूरा पाठ्यक्रम कम से कम एक बार पूरा हो चुका हो।

UPSC और IAS में क्या अंतर है?

UPSC परीक्षा कराने वाली संस्था है, जबकि IAS एक सेवा है जो UPSC की सिविल सेवा परीक्षा से मिलती है। इसी परीक्षा से IPS, IFS, IRS जैसी 20 से अधिक सेवाएँ भी मिलती हैं; रैंक और आपकी वरीयता से तय होता है कि कौन-सी सेवा मिलेगी।

UPSC के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?

सितंबर 2026 तक UPSC के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार हैं, जिन्होंने 15 मई 2025 को पदभार ग्रहण किया। वे 1985 बैच के IAS अधिकारी और पूर्व रक्षा सचिव हैं।

IAS की शुरुआती सैलरी कितनी है?

7वें वेतन आयोग के Level 10 पर प्रवेश-स्तर का मूल वेतन ₹56,100 प्रति माह है। इसके ऊपर महँगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता (या सरकारी आवास) और अन्य भत्ते जुड़ते हैं। शीर्ष पद कैबिनेट सचिव का वेतन Level 18 पर ₹2,50,000 है।

UPSC में कितनी परीक्षाएँ होती हैं?

UPSC हर साल लगभग एक दर्जन प्रमुख परीक्षाएँ कराता है: CSE, IFoS, ESE, NDA & NA (दो बार), CDS (दो बार), CAPF (AC), IES/ISS, CMS और Combined Geo-Scientist, साथ में EPFO जैसे पदों के लिए भर्ती परीक्षाएँ। हर परीक्षा की तिथि वार्षिक कैलेंडर में दी जाती है।

UPSC की वेबसाइट हिंदी में कैसे देखें?

upsc.gov.in/hi पर आयोग की वेबसाइट हिंदी में खुलती है। आवेदन के लिए upsconline.gov.in का उपयोग होता है।

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स्रोत

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