25 मिनट का लेख · तथ्य 23 सितंबर 2026 तक जाँचे गए

upsc ki taiyari kahan se kare: शुरुआत के 90 दिन और तैयारी की सही जगह

upsc ki taiyari kahan se kare? शून्य से पहले 12 सप्ताह की योजना, NCERT का क्रम, अख़बार व उत्तर लेखन, और घर बनाम दिल्ली-प्रयागराज का ख़र्च व सुरक्षा सहित तुलना।

"upsc ki taiyari kahan se kare" पूछने वाले ज़्यादातर लोग असल में दो अलग सवाल पूछ रहे होते हैं। पहला: पहले दिन कौन-सा विषय और कौन-सी किताब खोलें? दूसरा: तैयारी घर पर करें, दिल्ली जाएँ या प्रयागराज-पटना जैसे किसी शहर में? यह लेख दोनों का जवाब इसी क्रम में देता है, क्योंकि जगह का फ़ैसला तब बेहतर होता है जब आप शुरुआत के कुछ सप्ताह ख़ुद पढ़कर देख चुके हों।

पहले भाग में आपको शून्य से शुरू करने वाले के लिए 12 सप्ताह की ठोस योजना मिलेगी: सिलेबस और PYQ से शुरुआत, NCERT किस क्रम में और क्यों, अख़बार की आदत, और पहला उत्तर लेखन। दूसरे भाग में घर, दिल्ली (मुखर्जी नगर, ओल्ड राजिंदर नगर) और क्षेत्रीय केंद्रों की ईमानदार तुलना है, जिसमें स्रोत सहित ख़र्च, जुलाई 2024 की दुर्घटना से जुड़ी सुरक्षा बातें और कोचिंग लेने या न लेने का फ़ैसला करने का तरीका शामिल है।

upsc ki taiyari kahan se kare, यह तय करने से पहले: परीक्षा का ढाँचा

योजना बनाने से पहले यह जान लें कि आप किस चीज़ की तैयारी कर रहे हैं। CSE 2026 की अधिसूचना के अनुसार ढाँचा इस प्रकार है:

चरण प्रश्न-पत्र अंक ध्यान देने की बात
प्रारंभिक परीक्षा सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र I 200 इसी के अंकों से मुख्य परीक्षा के लिए चयन होता है
प्रारंभिक परीक्षा सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र II (CSAT) 200 केवल क्वालीफाइंग, न्यूनतम 33%
मुख्य परीक्षा भारतीय भाषा (पेपर A) और अंग्रेज़ी (पेपर B) 300 + 300 क्वालीफाइंग, मेरिट में नहीं जुड़ते
मुख्य परीक्षा निबंध, GS I–IV, वैकल्पिक विषय के 2 पेपर 7 × 250 = 1750 मेरिट के अंक
साक्षात्कार व्यक्तित्व परीक्षण 275 कुल योग 2025

प्रारंभिक परीक्षा में हर ग़लत उत्तर पर उस प्रश्न के अंकों का एक-तिहाई (0.33) कटता है। प्रारंभिक और मुख्य, दोनों के प्रश्न-पत्र हिंदी और अंग्रेज़ी में छपते हैं। पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझनी हो तो UPSC की परीक्षा कैसे होती है पढ़ें।

भाग 1: upsc ki taiyari kahan se shuru karen — पहले 90 दिन

यह योजना उस व्यक्ति के लिए है जो बिल्कुल शून्य से शुरू कर रहा है और रोज़ लगभग 6–7 घंटे दे सकता है। अगर आप नौकरी करते हैं और रोज़ 3 घंटे ही निकाल पाते हैं, तो हर सप्ताह को दो सप्ताह मान लें। तब यही योजना लगभग 24 सप्ताह की हो जाएगी, और यह बिल्कुल ठीक है।

सप्ताह 1: किताब से पहले सिलेबस और पिछले 3 साल के PYQ

पहले सप्ताह में कोई किताब न ख़रीदें। upsc.gov.in से ताज़ा अधिसूचना (हिंदी संस्करण भी उपलब्ध है) डाउनलोड करें और उसमें से प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम अलग करके प्रिंट कर लें। GS I से GS IV तक के पाठ्यक्रम को एक-एक पन्ने पर लिखकर दीवार पर लगाएँ। अगले तीन महीने आप जो भी पढ़ेंगे, उसे इसी सूची से मिलाएँगे।

फिर पिछले 3 वर्षों के प्रश्न-पत्र पढ़ें: प्रारंभिक GS प्रश्न-पत्र I (2024, 2025, 2026 — हर साल 100 प्रश्न) और मुख्य परीक्षा के ताज़ा तीन वर्षों के GS I–IV। ये सभी UPSC की वेबसाइट के "Previous Question Papers" खंड में मुफ़्त मिलते हैं। अभी इन्हें हल नहीं करना है, सिर्फ़ पढ़ना और छाँटना है:

  1. एक टैली शीट बनाएँ, जिसमें कॉलम हों: विषय, उप-विषय, "स्थिर (किताब से)" या "समसामयिक (अख़बार से)"।
  2. प्रारंभिक के 300 प्रश्नों में से हर प्रश्न को एक पंक्ति दें। इसमें लगभग 8–10 घंटे लगेंगे।
  3. सप्ताह के अंत में गिनें कि किस विषय से कितने प्रश्न आए और कितने सीधे अख़बार से जुड़े थे।

इस अभ्यास के तीन फ़ायदे हैं। आपको "महत्वपूर्ण" और "ग़ैर-ज़रूरी" का फ़र्क़ किसी और से पूछना नहीं पड़ेगा। NCERT पढ़ते समय आप पहचान लेंगे कि कौन-सा पैराग्राफ़ किस तरह पूछा जाता है। और मुख्य परीक्षा के प्रश्न पढ़कर समझ आएगा कि "विवेचना कीजिए" और "समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए" जैसे निर्देश कितने अलग उत्तर माँगते हैं।

प्रारंभिक PYQ हिंदी में व्याख्या के साथ पढ़ने के लिए UPSC Answer Check का प्रारंभिक PYQ पेज भी काम आ सकता है। वहाँ 2014–2026 के GS और CSAT प्रश्न हर विकल्प की व्याख्या के साथ मुफ़्त हैं, और ज़्यादातर प्रश्नों की व्याख्या हिंदी में भी है।

NCERT किस क्रम में पढ़ें, और यही क्रम क्यों

NCERT से शुरुआत इसलिए की जाती है क्योंकि ये किताबें मानकर चलती हैं कि पाठक विषय पहली बार पढ़ रहा है। ये NCERT की ओर से ही हिंदी में भी छपती हैं, और ncert.nic.in पर मुफ़्त पढ़ी जा सकती हैं। हिंदी माध्यम के विद्यार्थी के लिए यह बड़ी बात है, क्योंकि कई मानक किताबों के हिंदी अनुवाद देर से आते हैं या उनकी भाषा कठिन होती है।

सुझाया गया क्रम यह है: राजव्यवस्था → अर्थव्यवस्था → भूगोल → आधुनिक इतिहास → प्राचीन-मध्यकालीन इतिहास व कला → विज्ञान-पर्यावरण। हर कदम का कारण:

  1. राजव्यवस्था पहले, क्योंकि यह सबसे सीमित और सुगठित विषय है। इसका आधार एक ही दस्तावेज़ (संविधान) है। अख़बार की आधी राजनीतिक ख़बरें (अध्यादेश, राज्यपाल की भूमिका, संसदीय समितियाँ) इसी शब्दावली के बिना समझ नहीं आतीं। पहले दो सप्ताह में एक विषय "पूरा" हो जाने से आत्मविश्वास भी बनता है।
  2. अर्थव्यवस्था दूसरे नंबर पर, क्योंकि अख़बार में इसका हिस्सा बड़ा है (RBI, बजट, महँगाई, व्यापार घाटा) और हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को अंग्रेज़ी शब्दों की सबसे ज़्यादा दिक़्क़त यहीं होती है। इसे जल्दी पढ़ने से अगले 9–10 सप्ताह रोज़ का अख़बार इसे दोहराता रहेगा।
  3. भूगोल तीसरे नंबर पर, क्योंकि यह एटलस के लगातार अभ्यास से पक्का होता है और पर्यावरण, कृषि, आपदा प्रबंधन (GS I और GS III) की नींव यही है।
  4. आधुनिक इतिहास उसके बाद। इतिहास विशाल और ज़्यादातर स्थिर है, अख़बार से इसका सीधा रिश्ता कम है, इसलिए इसे बाद में रखने से नुकसान नहीं होता। आधुनिक भारत पहले इसलिए कि स्वतंत्रता संग्राम सीधे संविधान निर्माण से जुड़ता है, जो आप पढ़ चुके होंगे।
  5. प्राचीन-मध्यकालीन इतिहास और कला-संस्कृति, फिर विज्ञान और पर्यावरण अंत में। विज्ञान का बड़ा हिस्सा स्कूल में पढ़ा हुआ होता है, और पर्यावरण के प्रश्न अक्सर समसामयिक घटनाओं से आते हैं, जिनके लिए तब तक आपकी अख़बार की आदत पक्की हो चुकी होगी।

NCERT संस्करणों पर एक ज़रूरी सूचना (सितंबर 2026 तक): NCF-SE 2023 के तहत कक्षा 6–8 की सामाजिक विज्ञान की किताबें एक संयुक्त किताब ("समाज का अध्ययन: भारत और उसके आगे") में बदल चुकी हैं, और कक्षा 9 की नई किताबें 2026-27 सत्र में आ रही हैं। शुरुआती शब्दावली के लिए कक्षा 6–10 पढ़ें, लेकिन UPSC के लिए असली वज़न कक्षा 11–12 की किताबों का है: "भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार", "भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास", "समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय", "भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत", "भारत: भौतिक पर्यावरण", "मानव भूगोल के मूल सिद्धांत", "भारत: लोग और अर्थव्यवस्था", "भारतीय इतिहास के कुछ विषय" (भाग 1–3) और "भारतीय कला का परिचय"। कक्षा-वार पूरी सूची और कौन-से अध्याय छोड़ सकते हैं, यह NCERT books for UPSC in Hindi में है।

NCERT पढ़ने का तरीका: पहली बार बिना नोट्स, तेज़ी से पढ़ें। दूसरी बार हर अध्याय के बाद आधे पन्ने में सिर्फ़ वे बातें लिखें जो PYQ टैली से मेल खाती हों। पूरी किताब की नकल वाले नोट्स इस चरण की सबसे आम बर्बादी है।

अख़बार की आदत: सप्ताह 2 से, 45 मिनट से शुरू

अख़बार पहले ही दिन से शुरू करने पर ज़्यादातर लोग हफ़्ते भर में छोड़ देते हैं, क्योंकि आधी ख़बरें समझ नहीं आतीं। इसलिए इसे सप्ताह 2 से शुरू करें, जब राजव्यवस्था पढ़ना शुरू हो चुका हो।

  • समय: सप्ताह 2–4 में 45 मिनट, सप्ताह 5 से 60–75 मिनट। इससे ज़्यादा समय अख़बार पर लगना इस बात का संकेत है कि आप राजनीतिक बयानबाज़ी और अपराध की ख़बरें भी पढ़ रहे हैं।
  • क्या पढ़ें: एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक का संपादकीय पन्ना और राष्ट्रीय/आर्थिक/अंतरराष्ट्रीय पन्ने, साथ में सरकारी घोषणाओं के मूल पाठ के लिए PIB की हिंदी विज्ञप्तियाँ। महीने में एक बार प्रकाशन विभाग की "योजना" और "कुरुक्षेत्र" पत्रिकाएँ, जो हिंदी में भी छपती हैं।
  • शब्दावली कॉपी: हर ख़बर से एक अंग्रेज़ी शब्द और उसका हिंदी रूप लिखें (जैसे Repo Rate – रेपो दर, Fiscal Deficit – राजकोषीय घाटा)। UPSC के हिंदी प्रश्न-पत्र में कई शब्द अनुवाद होकर आते हैं, और 90 दिन में 300–400 शब्दों की यह कॉपी बहुत काम आती है।
  • जोड़ने की आदत: हर ख़बर के आगे सिलेबस का वह बिंदु लिखें जिससे वह जुड़ती है। जो ख़बर किसी बिंदु से न जुड़े, उसे छोड़ दें।

मुफ़्त और ऑनलाइन स्रोतों से पूरी व्यवस्था बनाने का तरीका UPSC की तैयारी ऑनलाइन कैसे करें में है।

पहला उत्तर लेखन: सप्ताह 5 से, रोज़ एक उत्तर

उत्तर लेखन को "मुख्य परीक्षा के बाद देखेंगे" पर छोड़ना हिंदी माध्यम के विद्यार्थी की सबसे महँगी ग़लती है। देवनागरी में साफ़ और तेज़ लिखना अभ्यास से आता है, और मुख्य परीक्षा के हर GS पेपर में 3 घंटे में लगभग 20 प्रश्नों के उत्तर लिखने होते हैं, यानी हर उत्तर पर औसतन 8–9 मिनट।

सप्ताह 5 से यह करें:

  1. जो विषय पढ़ चुके हैं (राजव्यवस्था), उसके मुख्य परीक्षा PYQ में से रोज़ एक प्रश्न चुनें।
  2. 150 शब्दों का उत्तर 8 मिनट के टाइमर पर हाथ से लिखें।
  3. ढाँचा: 2 पंक्ति की भूमिका, 3–4 बिंदुओं में मुख्य भाग (एक अनुच्छेद, वाद या उदाहरण ज़रूर), 1–2 पंक्ति का निष्कर्ष।
  4. लिखने के बाद ख़ुद जाँचें: क्या निर्देशक शब्द ("विश्लेषण", "परीक्षण") का पालन हुआ? क्या उत्तर प्रश्न के हर हिस्से को छूता है?
  5. सप्ताह 5 के पहले दिन गिनें कि 10 मिनट में आप कितने साफ़ शब्द लिखते हैं। हर दो सप्ताह में दोबारा गिनें।

ख़ुद की जाँच की एक सीमा है। अपने उत्तर पर बाहर की राय के लिए UPSC Answer Check के उत्तर मूल्यांकन पर हिंदी में लिखे उत्तर की फ़ोटो या टाइप किया उत्तर डालें। AI लगभग 30 सेकंड में अंक, मापदंड-वार स्कोर, छूटे कीवर्ड और मॉडल उत्तर देता है, और हर महीने 5 मूल्यांकन मुफ़्त हैं।

पहले 12 सप्ताह की तालिका

सप्ताह मुख्य पढ़ाई रोज़ का साथ वाला काम सप्ताह के अंत का आउटपुट
1 अधिसूचना से पाठ्यक्रम; प्रारंभिक 2024–26 और मुख्य के ताज़ा 3 वर्षों के GS प्रश्न पढ़ना — दीवार पर पाठ्यक्रम; 300 प्रश्नों की टैली शीट
2 राजव्यवस्था: कक्षा 9–10 लोकतांत्रिक राजनीति (तेज़ी से), कक्षा 11 "भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार" का पहला आधा भाग अख़बार 45 मिनट शब्दावली कॉपी में 30+ शब्द
3 कक्षा 11 संविधान का बाकी भाग; कक्षा 12 "स्वतंत्र भारत में राजनीति" सरसरी तौर पर अख़बार 45 मिनट राजव्यवस्था के प्रारंभिक PYQ हल, ग़लतियों की सूची
4 अर्थव्यवस्था: कक्षा 9–10 अर्थशास्त्र, कक्षा 11 "भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास" अख़बार 60 मिनट; सप्ताह में 3 दिन CSAT 30 मिनट आर्थिक शब्दों की अलग सूची
5 कक्षा 12 "समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय" (मुद्रा, बैंकिंग, बजट, भुगतान संतुलन) रोज़ 1 उत्तर (राजव्यवस्था) 7 उत्तर और अपनी लिखने की गति का पहला माप
6 भूगोल: कक्षा 6–10 का बुनियादी हिस्सा, कक्षा 11 "भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत" एटलस 20 मिनट; रोज़ 1 उत्तर ख़ाली नक्शे पर नदियाँ, पर्वत, राज्य
7 कक्षा 11 "भारत: भौतिक पर्यावरण", कक्षा 12 "मानव भूगोल के मूल सिद्धांत" एटलस; रोज़ 1 उत्तर (अर्थव्यवस्था) भूगोल के प्रारंभिक PYQ हल
8 कक्षा 12 "भारत: लोग और अर्थव्यवस्था"; राजव्यवस्था-अर्थव्यवस्था का पहला दोहराव अख़बार; रोज़ 1 उत्तर 50 प्रश्नों का स्वयं-परीक्षण
9 आधुनिक इतिहास: कक्षा 8 का इतिहास भाग, कक्षा 12 "भारतीय इतिहास के कुछ विषय" भाग 3 रोज़ 1 उत्तर (भूगोल) घटनाओं की समय-रेखा (1857–1947)
10 कक्षा 12 भाग 1–2; कक्षा 11 "भारतीय कला का परिचय" के चुनिंदा अध्याय CSAT 30 मिनट कला-संस्कृति की एक पन्ने की तालिका
11 विज्ञान: कक्षा 9–10 विज्ञान के चुनिंदा अध्याय; कक्षा 12 जीवविज्ञान के पारिस्थितिकी अध्याय (जीव और समष्टियाँ, पारितंत्र, जैव विविधता एवं संरक्षण) रोज़ 1 उत्तर (इतिहास) पर्यावरण शब्दावली
12 पूरा दोहराव; एक पूरा पुराना प्रारंभिक GS पेपर 2 घंटे में और एक CSAT पेपर 90 दिन की समीक्षा स्कोर, कमज़ोर विषयों की सूची, अगले 90 दिन की योजना

सप्ताह 12 का प्रारंभिक पेपर अंक पाने के लिए नहीं, आधार-रेखा (baseline) जानने के लिए है। पहली बार 60–70 अंक आना सामान्य है। ज़रूरी यह है कि आप अपनी ग़लतियों को तीन हिस्सों में बाँटें: "पढ़ा नहीं था", "पढ़ा था पर याद नहीं रहा", "जल्दबाज़ी या अंदाज़ा"। अगले 90 दिन की योजना इन्हीं तीन सूचियों से बनेगी: मानक किताबें (UPSC books in Hindi), टेस्ट सीरीज़ (UPSC mock test in Hindi) और वैकल्पिक विषय का चुनाव।

starting se upsc ki taiyari kaise kare: पहले 90 दिन की आम ग़लतियाँ

  • पहले सप्ताह में 25–30 किताबें ख़रीद लेना। 12 सप्ताह के लिए NCERT, एक एटलस, एक अख़बार और PYQ काफ़ी हैं।
  • वीडियो को पढ़ाई मान लेना। 2 घंटे का लेक्चर देखना 2 घंटे पढ़ने के बराबर नहीं है। वीडियो केवल वहीं देखें जहाँ किताब का कोई हिस्सा समझ न आए।
  • वैकल्पिक विषय पर पहले महीने में फ़ैसला। पहले GS के 3–4 विषय पढ़ें। तभी पता चलेगा कि आपकी रुचि कहाँ है।
  • CSAT को नज़रअंदाज़ करना। यह क्वालीफाइंग है, पर 33% से कम आने पर GS के अच्छे अंक भी बेकार हो जाते हैं। गणित से डर है तो सप्ताह 4 से ही हफ़्ते में 3 दिन 30 मिनट दें।
  • हर दिन योजना बदलना। तालिका में सप्ताह के अंत का आउटपुट पूरा हुआ या नहीं, बस यही जाँचें।

भाग 2: upsc ki taiyari kaha hoti hai — घर, दिल्ली या क्षेत्रीय केंद्र

अब दूसरा सवाल: तैयारी कहाँ बैठकर करें। ईमानदार जवाब यह है कि UPSC की तैयारी किसी एक शहर में "होती" नहीं। किताबें, PYQ, अख़बार और टेस्ट सीरीज़ अब हर जगह उपलब्ध हैं। जगह का फ़ैसला चार चीज़ों पर टिका है: पैसा, अनुशासन, साथियों का माहौल और सुरक्षा।

विकल्प 1: घर पर सेल्फ-स्टडी और ऑनलाइन संसाधन

किसके लिए ठीक: जो ऊपर की 12 सप्ताह की योजना घर पर लगभग पूरी कर पाए; नौकरी करने वाले; जिनके लिए बाहर रहने का ख़र्च कर्ज़ से आएगा।

फ़ायदे: किराया, भोजन और यात्रा का ख़र्च लगभग शून्य। आने-जाने का समय बचता है और परिवार का सहारा बना रहता है।

जोखिम: अकेलापन, घर के काम और रुकावटें, और यह पता न चलना कि बाकी लोग कहाँ तक पहुँचे हैं।

इसे काम करने लायक कैसे बनाएँ: घर के पास किसी सेल्फ-स्टडी लाइब्रेरी में तय सीट लें ताकि "दफ़्तर जाने" जैसी दिनचर्या बने। तुलना के लिए एक ऑनलाइन टेस्ट सीरीज़ जोड़ें। उत्तर लेखन पर बाहर की जाँच की व्यवस्था रखें। 3–4 गंभीर साथियों के साथ ऑनलाइन साप्ताहिक चर्चा समूह भी मदद करता है।

विकल्प 2: दिल्ली — मुखर्जी नगर और ओल्ड राजिंदर नगर

दशकों तक उत्तर दिल्ली का मुखर्जी नगर हिंदी माध्यम की तैयारी का सबसे बड़ा केंद्र रहा है, जबकि मध्य दिल्ली का ओल्ड राजिंदर नगर (करोल बाग़ के पास) मुख्यतः अंग्रेज़ी माध्यम के संस्थानों और विद्यार्थियों का इलाक़ा है।

2024 के बाद यह तस्वीर बदली है। जुलाई 2024 की दुर्घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने नियम न मानने वाले कई कोचिंग केंद्रों के बेसमेंट सील किए। अगस्त 2024 की रिपोर्टों के अनुसार हिंदी माध्यम के एक बड़े संस्थान ने मुखर्जी नगर से नोएडा जाने की घोषणा की। सितंबर 2026 तक उसी संस्थान की वेबसाइट पर नोएडा सेक्टर-15 और मुखर्जी नगर, दोनों पते दर्ज हैं। मतलब यह कि "दिल्ली जाना" अब एक मोहल्ले का नाम नहीं रह गया है।

दिल्ली के फ़ायदे: हज़ारों गंभीर अभ्यर्थियों का माहौल, ऑफ़लाइन टेस्ट और उत्तर लेखन कार्यक्रमों के ज़्यादा विकल्प, किताबों और नोट्स की दुकानें, और मुख्य परीक्षा व साक्षात्कार के समय मार्गदर्शन की आसान पहुँच।

दिल्ली के जोखिम: ऊँचा किराया, भीड़भाड़ वाली और कई बार असुरक्षित इमारतें, और एक आम जाल। 10–12 महीने की क्लासों में रोज़ 4–5 घंटे जाने के बाद ख़ुद पढ़ने और दोहराने का समय कम बचता है।

ख़र्च: स्रोत सहित लगभग आँकड़े

नीचे के आँकड़े 2024 की मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। इन्हें अंदाज़ा मानें और किसी भी संस्थान या मकान मालिक से लिखित में ताज़ा दर लें।

मद (मासिक, लगभग) दिल्ली प्रयागराज स्रोत
किराया / PG ₹4,500–12,000 ₹3,000–8,000 Careers360, नवंबर 2024
भोजन ₹2,000–3,500 ₹1,500–2,000 Careers360, नवंबर 2024
स्थानीय यात्रा ₹1,000–1,500 ₹500–1,000 Careers360, नवंबर 2024
GS फ़ाउंडेशन कोर्स (एकमुश्त) कई संस्थानों में ₹1,25,000–1,60,000 ₹95,000–1,34,000 (दो संस्थानों के उदाहरण) Careers360, नवंबर 2024

किराये के आँकड़े अलग-अलग रिपोर्टों में काफ़ी अलग हैं। अगस्त 2024 की एक ग्राउंड रिपोर्ट (The Patriot) में ओल्ड राजिंदर नगर में दो विद्यार्थियों के साझा 10×12 फ़ुट के कमरे का किराया लगभग ₹22,000 प्रति माह बताया गया। उसी रिपोर्ट के अनुसार एक महीने का किराया सिक्योरिटी और एक महीने का किराया ब्रोकरेज के रूप में पहले ही देना पड़ता है, और बिजली का बिल अलग से आता है।

सिर्फ़ ऊपर की Careers360 वाली मासिक रेंज जोड़ें, तो दिल्ली में रहने का ख़र्च लगभग ₹7,500–17,000 प्रति माह, यानी साल भर में लगभग ₹90,000–2,04,000 बनता है। इसमें कोचिंग फ़ीस, किताबें, टेस्ट सीरीज़ और घर आने-जाने का ख़र्च शामिल नहीं है। तैयारी आम तौर पर एक साल से लंबी चलती है, इसलिए कम से कम दो साल का बजट सोचकर ही फ़ैसला करें।

सुरक्षा: 27 जुलाई 2024 से क्या सीखें

27 जुलाई 2024 की शाम भारी बारिश के बाद ओल्ड राजिंदर नगर में Rau's IAS Study Circle की इमारत के बेसमेंट में पानी भर गया। वहाँ लाइब्रेरी चल रही थी। इस दुर्घटना में तीन अभ्यर्थियों की मौत हुई: उत्तर प्रदेश (अंबेडकर नगर) की श्रेया यादव, तेलंगाना की तान्या सोनी और केरल (एर्नाकुलम) के नेविन डाल्विन। मामले की जाँच 2 अगस्त 2024 को CBI को सौंपी गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार CBI ने कहा कि बेसमेंट केवल पार्किंग और भंडारण के लिए स्वीकृत था, लेकिन उसे 80–90 सीटों वाली लाइब्रेरी और परीक्षा हॉल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। इससे पहले जून 2023 में मुखर्जी नगर के एक कोचिंग भवन में आग लगी थी, जब वहाँ 100 से अधिक विद्यार्थी मौजूद थे।

इन घटनाओं से कोई भी शहर "असुरक्षित" घोषित नहीं हो जाता, लेकिन यह साफ़ है कि भीड़ वाले कोचिंग इलाक़ों में इमारतों की जाँच आपको ख़ुद करनी होगी। किसी भी कोचिंग, लाइब्रेरी या PG में पैसे देने से पहले यह देखें:

  • क्या पढ़ाई या लाइब्रेरी बेसमेंट में है? अगर है, तो वहाँ न बैठें।
  • क्या निकलने के कम से कम दो रास्ते हैं, और सीढ़ियाँ सामान से भरी तो नहीं हैं?
  • क्या संस्थान के पास फ़ायर NOC है? पूछने में झिझकें नहीं।
  • बारिश में वह गली कितनी डूबती है? पुराने विद्यार्थियों से पूछें।
  • फ़ीस की रसीद और वापसी (refund) की शर्तें लिखित में लें।

शिक्षा मंत्रालय के जनवरी 2024 के कोचिंग केंद्र दिशानिर्देशों (जो राज्यों के लिए जारी हुए) के अनुसार कोर्स बीच में छोड़ने पर बची अवधि की फ़ीस 10 दिन में लौटाई जानी चाहिए, कोर्स के दौरान फ़ीस नहीं बढ़ाई जानी चाहिए, और कोई संस्थान रैंक या अंकों की गारंटी का दावा नहीं कर सकता। आपके राज्य में ये नियम किस रूप में लागू हैं, यह स्थानीय स्तर पर जाँच लें।

विकल्प 3: क्षेत्रीय केंद्र — प्रयागराज, पटना, जयपुर, इंदौर, लखनऊ

प्रयागराज लंबे समय से हिंदी माध्यम की प्रतियोगी तैयारी का बड़ा केंद्र रहा है। पटना, जयपुर, इंदौर और लखनऊ में भी बड़ा अभ्यर्थी समुदाय है। उदाहरण के लिए, हिंदी माध्यम के एक प्रमुख संस्थान की वेबसाइट पर इन पाँचों शहरों में उसकी शाखाएँ दर्ज हैं।

फ़ायदे:

  • ऊपर की तालिका के अनुसार प्रयागराज में रहने का ख़र्च दिल्ली से कम है।
  • माहौल हिंदी का है, इसलिए चर्चा समूह और नोट्स हिंदी में आसानी से मिलते हैं।
  • राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं (UPPSC, BPSC, RPSC, MPPSC) की तैयारी साथ-साथ चलती है। इनका GS पाठ्यक्रम काफ़ी हद तक UPSC से मिलता है, जो एक व्यावहारिक "प्लान B" भी है।
  • घर से दूरी कम होती है।

सीमाएँ: कुछ शहरों में मुख्य परीक्षा स्तर की ऑफ़लाइन टेस्ट सीरीज़ और उत्तर जाँचने वाले अनुभवी शिक्षकों के विकल्प कम हो सकते हैं। पर यह कमी अब ऑनलाइन टेस्ट और मूल्यांकन से काफ़ी हद तक पूरी हो जाती है। सुरक्षा की ऊपर वाली जाँच-सूची यहाँ भी उतनी ही ज़रूरी है।

मुफ़्त या सरकारी कोचिंग के विकल्प

ख़र्च बड़ी बाधा हो तो पहले ये देखें:

  • मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना (उत्तर प्रदेश): फ़रवरी 2021 से चल रही यह योजना UPSC, UPPSC और अन्य परीक्षाओं के लिए राज्य के सभी 75 ज़िलों में ऑफ़लाइन और ऑनलाइन निःशुल्क कोचिंग देती है। 2026-27 का सत्र 1 जुलाई 2026 से शुरू हुआ। रिपोर्टों के अनुसार CSE 2025 में इस योजना से जुड़े 6 अभ्यर्थी चुने गए।
  • जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रेज़िडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA), दिल्ली: SC, ST, महिला और अल्पसंख्यक वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार से चयन होता है। प्रवेश परीक्षा हिंदी में भी दी जा सकती है। 2025 के चक्र में सीटें सीमित थीं (लगभग 100) और छात्रावास में रहना अनिवार्य था।

अपने राज्य के समाज कल्याण या अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की वेबसाइट पर भी ऐसी योजनाएँ देखें। कई राज्य अपनी योजनाएँ चलाते हैं और उनकी शर्तें हर साल बदलती हैं।

ias ki taiyari kahan karen: तीनों विकल्प एक नज़र में

पैमाना घर + ऑनलाइन दिल्ली क्षेत्रीय केंद्र
रहने का मासिक ख़र्च लगभग शून्य सबसे अधिक (ऊपर तालिका) दिल्ली से कम
हिंदी माध्यम का माहौल ख़ुद बनाना होगा मौजूद, पर बिखरा हुआ सबसे अच्छा
साथी और प्रतिस्पर्धा का अंदाज़ा केवल ऑनलाइन टेस्ट से सबसे अधिक मध्यम
ध्यान भटकने का जोखिम घर के काम, परिवार भीड़, लंबी क्लासें, सामाजिक दबाव मध्यम
सुरक्षा की जाँच आसान सबसे ज़रूरी ज़रूरी
राज्य PCS साथ में संभव कम सहज सबसे सहज

कोचिंग किसे फ़ायदा देती है, किसे नहीं

कोचिंग से फ़ायदा होने की संभावना ज़्यादा है, अगर:

  • आपने 12 सप्ताह की योजना ईमानदारी से आज़माई, पर ढाँचे और समय-सीमा के बिना आप नहीं चल पाते।
  • आपकी पृष्ठभूमि विज्ञान/इंजीनियरिंग की है और इतिहास-राजव्यवस्था जैसे विषय बिल्कुल नए हैं।
  • आपको उत्तर लेखन पर नियमित और व्यक्तिगत फ़ीडबैक चाहिए जो अभी कहीं से नहीं मिल रहा।
  • फ़ीस और रहने का ख़र्च बिना भारी कर्ज़ के उठाया जा सकता है।

कोचिंग से फ़ायदा कम होने की संभावना है, अगर:

  • आप सेल्फ-स्टडी में पहले से अनुशासित हैं। तब केवल टेस्ट सीरीज़ और उत्तर मूल्यांकन काफ़ी हो सकते हैं।
  • आप नौकरी करते हैं और क्लास के घंटे निकालने में ही पढ़ने का समय चला जाएगा।
  • पैसा कर्ज़ से आ रहा है और उसका दबाव आपकी पढ़ाई पर भारी पड़ेगा।
  • आप क्लास को ही पढ़ाई मानेंगे और ख़ुद दोहराने का समय नहीं बचेगा।

upsc ki taiyari kaha se kare — जगह तय करने के 5 सवाल

  1. क्या मैंने 12 सप्ताह की योजना घर से आज़माई है? अगर आपने 80% साप्ताहिक आउटपुट पूरे किए, तो जगह बदलने की ज़रूरत शायद नहीं है।
  2. समस्या जगह की है या ढाँचे की? अक्सर समस्या ढाँचे की होती है, जिसे एक लाइब्रेरी सीट और एक टेस्ट सीरीज़ सुलझा देती है।
  3. क्या मेरे पास कम से कम 2 साल का बजट है, बिना परिवार पर असहनीय बोझ डाले?
  4. क्या मैं राज्य PCS भी साथ में देना चाहता/चाहती हूँ? तब अपने राज्य का क्षेत्रीय केंद्र अधिक समझदारी है।
  5. जो इमारत और कमरा चुनूँगा, क्या वह ऊपर की सुरक्षा जाँच पास करता है?

व्यावहारिक सलाह यह है कि पहले 90 दिन घर से शुरू करें, सप्ताह 12 का आकलन करें, और तब जगह का फ़ैसला लें। तब आपका फ़ैसला अंदाज़े पर नहीं, आपके अपने आँकड़ों पर होगा। पूरी तैयारी की दीर्घकालीन रणनीति UPSC की तैयारी कैसे करें में है, और हिंदी माध्यम की ख़ास चुनौतियाँ व आँकड़े UPSC Hindi medium में।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

upsc ki preparation kaise start kare — पहले दिन क्या करें?

पहले दिन upsc.gov.in से ताज़ा अधिसूचना डाउनलोड करें और प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम प्रिंट करें। उसी दिन प्रारंभिक परीक्षा का पिछले साल का GS पेपर शुरू से अंत तक पढ़ें। किताबें ख़रीदने का काम पहले सप्ताह के बाद करें, जब PYQ टैली से पता चल जाए कि किस विषय पर कितना ज़ोर है।

ias ki taiyari kahan se shuru karen — NCERT से या सीधे मानक किताब से?

शून्य से शुरू करने वालों के लिए NCERT पहले पढ़ना बेहतर है, क्योंकि मानक किताबें मानकर चलती हैं कि आपको बुनियादी शब्दावली आती है। जिनकी स्नातक डिग्री इतिहास या राजनीति विज्ञान में है, वे अपने विषय की NCERT तेज़ी से पढ़कर सीधे मानक किताब पर जा सकते हैं। बाकी विषयों में NCERT का क्रम वही रखें।

basic se upsc ki taiyari kaise kare, अगर स्कूल के बाद पढ़ाई छूट गई हो?

ऊपर की 12 सप्ताह की योजना से पहले 2 सप्ताह अतिरिक्त जोड़ें और कक्षा 6–8 की सामाजिक विज्ञान और विज्ञान की किताबें पढ़ें। इन्हें नोट्स बनाए बिना, कहानी की तरह पढ़ें। उद्देश्य केवल शब्दावली और आत्मविश्वास है।

upsc ki taiyari shuru kaise kare, अगर मैं नौकरी करता/करती हूँ?

रोज़ 3 घंटे (सुबह 2, रात 1) और सप्ताहांत पर 6–8 घंटे का ढाँचा रखें, और ऊपर के हर सप्ताह को दो सप्ताह मानें। अख़बार यात्रा के समय पढ़ा जा सकता है, पर उत्तर लेखन हाथ से और टाइमर के साथ ही करें। नौकरी छोड़ने का फ़ैसला पहले 6 महीने के आकलन के बाद ही लें। कब शुरू करना सही है, इस पर विस्तार से UPSC की तैयारी कब से करें में बात की गई है।

ias ki preparation kaise start kare, अगर अंग्रेज़ी कमज़ोर है?

अंग्रेज़ी कमज़ोर होना हिंदी माध्यम में तैयारी के रास्ते में बाधा नहीं है, क्योंकि प्रश्न-पत्र हिंदी में भी आते हैं और आप उत्तर हिंदी में लिख सकते हैं। दो बातें ज़रूरी हैं: समसामयिक घटनाओं के अंग्रेज़ी शब्दों की शब्दावली कॉपी, और मुख्य परीक्षा के अंग्रेज़ी क्वालीफाइंग पेपर (पेपर B) के लिए बाद में कुछ सप्ताह का अलग अभ्यास।

upsc ki taiyari kaha se start kare — वैकल्पिक विषय कब चुनें?

पहले 90 दिन में नहीं। GS के कम से कम 3–4 विषय पढ़ने के बाद, लगभग चौथे-पाँचवें महीने में वैकल्पिक विषय के पिछले प्रश्न-पत्र पढ़कर फ़ैसला करें। हिंदी माध्यम में किसी विषय की अच्छी किताबें और मार्गदर्शन उपलब्ध हैं या नहीं, इसे भी ध्यान में रखें।

क्या बिना कोचिंग के और घर पर रहकर चयन संभव है?

हाँ। UPSC का पूरा पाठ्यक्रम, PYQ और NCERT मुफ़्त उपलब्ध हैं, और टेस्ट सीरीज़ व उत्तर मूल्यांकन ऑनलाइन मिल जाते हैं। घर पर असली चुनौती अनुशासन और फ़ीडबैक की है, जानकारी की नहीं। इसलिए लाइब्रेरी सीट, टेस्ट सीरीज़ और उत्तर जाँच की व्यवस्था पहले महीने में ही कर लें।

upsc ki taiyari kahan se karen — दिल्ली जाना ही है तो कब जाएँ?

घर पर पहले 90 दिन पूरे करने के बाद, जब आपको पता हो कि आपको कोचिंग से क्या चाहिए: पूरी GS क्लास, सिर्फ़ टेस्ट सीरीज़, या उत्तर लेखन कार्यक्रम। इससे आप 10–12 महीने की पूरी फ़ीस देने के बजाय केवल ज़रूरी हिस्से पर पैसा लगाएँगे। कमरा लेने से पहले सुरक्षा जाँच-सूची ज़रूर लागू करें।

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